चंडीगढ़। सुप्रीम कोर्ट के 21 अप्रैल 2026 के निर्देश के बाद 2015 में भर्ती हुए चंडीगढ़ के 862 शिक्षकों को छठे और सातवें पे-स्केल का एरियर मिलेगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।

स्कूल शिक्षा विभाग ने अगस्त 2015 में एनटीटी, जेबीटी और टीजीटी शिक्षकों के 1149 पदों पर भर्ती की थी। भर्ती के बाद मई 2017 में पेपर लीक होने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद प्रशासन ने भर्ती रद्द कर दी थी।
इसके बाद शिक्षकों ने कैट में याचिका दायर की। कैट के फैसले के बाद शिक्षा विभाग प्रशासन के फैसले के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने 21 अप्रैल को पेपर लीक मामले में कोई सबूत या गवाह पेश नहीं किए जाने का हवाला देते हुए भर्ती को बहाल रखने के निर्देश दिए।
1 जनवरी 2016 से छठे पे-स्केल का एरियर
निदेशक स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, शिक्षकों को 1 जनवरी 2016 से छठे पे-स्केल के अनुसार एरियर मिलेगा। वहीं, 1 अप्रैल 2022 से सातवें पे-स्केल का लाभ दिया जाएगा।
1149 में से 862 शिक्षक अभी कार्यरत
1149 पदों पर हुई भर्ती के दौरान पेपर लीक मामले में पहले तीन और बाद में 49 नाम पुलिस जांच में सामने आए थे। इन्हें कैट, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के स्तर पर बहाल रखने से इनकार किया गया था।
कानूनी कार्रवाई के दौरान कई शिक्षक देश के दूसरे राज्यों या विदेश में जाकर बस गए। इसके चलते शिक्षकों के पद खाली होते गए। वर्तमान में स्कूल शिक्षा विभाग में 862 शिक्षक कार्यरत हैं, जिन्हें छठे और सातवें पे-स्केल का लाभ देने की घोषणा की गई है।
शिक्षक एसोसिएशन ने फैसले का किया स्वागत
टीचर्स एसोसिएशन ऑफ सिटी ब्यूटीफुल के प्रेसिडेंट प्रवीण कुमार राव ने प्रशासन के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि 2015 में भर्ती हुए शिक्षकों ने पहले अदालत और उसके बाद प्रशासन में लंबे समय तक लड़ाई लड़ी, जिसके बाद उन्हें जीत मिली है। उन्होंने शिक्षकों को राहत देने के लिए प्रशासन का आभार जताया।
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