सोनीपत में ACB ने शिक्षा विभाग के SDO विष्णु दत्त और JE आशीष को 2.93 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
ठेकेदार से कमीशन मांगने का आरोप
सोनीपत में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने शिक्षा विभाग के दो अधिकारियों को कथित रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में विभाग के SDO विष्णु दत्त और JE आशीष को 2.93 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है।
आरोप है कि दोनों अधिकारी एक स्कूल की चारदीवारी के निर्माण कार्य के संबंध में ठेकेदार से कमीशन के तौर पर रिश्वत की मांग कर रहे थे। ठेकेदार की शिकायत के बाद ACB ने मामले की जांच शुरू की और इसके बाद रिश्वत के लेनदेन को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
चारदीवारी निर्माण के काम से जुड़ा मामला
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ठेकेदार ने एक स्कूल की चारदीवारी का निर्माण कार्य किया था। निर्माण कार्य से संबंधित भुगतान और अन्य प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों की ओर से कथित तौर पर कमीशन की मांग की गई।
ठेकेदार ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की। शिकायत मिलने के बाद ACB ने प्रारंभिक जांच की और रिश्वत की मांग की पुष्टि के लिए कार्रवाई की योजना तैयार की।

फतेहपुर के पास बुलाया था ठेकेदार को
बताया गया कि अधिकारियों ने कथित रिश्वत की रकम लेने के लिए ठेकेदार को गांव फतेहपुर के पास एनएच-334ए पर बुलाया था। तय योजना के अनुसार ठेकेदार रुपये लेकर बताए गए स्थान पर पहुंचा।
इसी दौरान ACB की टीम भी मौके पर पहुंच गई। जैसे ही कथित तौर पर रिश्वत की रकम अधिकारियों को दी गई, टीम ने कार्रवाई करते हुए SDO विष्णु दत्त और JE आशीष को पकड़ लिया।
2.93 लाख रुपये की रकम बरामद
ACB के मुताबिक, दोनों अधिकारियों के कब्जे से 2.93 लाख रुपये की कथित रिश्वत राशि बरामद की गई। टीम ने रिश्वत की रकम के साथ मामले से जुड़े दस्तावेजों को भी अपने कब्जे में लिया है।
पूरी कार्रवाई ACB के DSP राहुल देव के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। गिरफ्तारी के बाद दोनों अधिकारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई।
अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
ACB अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित रिश्वत के इस मामले में शिक्षा विभाग के किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका भी थी या नहीं। पूछताछ और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
DSP राहुल देव के अनुसार, दोनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और किसी अन्य व्यक्ति की संभावित संलिप्तता की स्थिति स्पष्ट होगी।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल ACB की कार्रवाई के बाद दोनों अधिकारियों से पूछताछ जारी है। जांच एजेंसी रिश्वत की कथित मांग, रकम के लेनदेन और निर्माण कार्य से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।
यह मामला एक बार फिर सरकारी निर्माण कार्यों में कमीशन और रिश्वत से जुड़े आरोपों को लेकर जांच एजेंसियों की कार्रवाई को सामने लाता है। हालांकि, दोनों अधिकारियों पर लगाए गए आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं तथा गिरफ्तारी अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है।
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