चंडीगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हरियाणा के भाजपा विधायकों और मंत्रियों की पहली सामूहिक मुलाकात कई मायनों में खास रही। बैठक से पहले कई विधायक और मंत्री थोड़े तनाव में नजर आ रहे थे। राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं थीं और माना जा रहा था कि प्रधानमंत्री विधायकों का रिपोर्ट कार्ड देख सकते हैं। हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी के सहज और हरियाणवी अंदाज ने महज कुछ ही मिनटों में माहौल को पूरी तरह बदल दिया।
बैठक की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने विधायकों से आत्मीय अंदाज में बातचीत की। उन्होंने हरियाणवी शैली में कहा, “हरियाणा वालों, तुमने राम-राम क्यों नहीं की।” प्रधानमंत्री की इस बात पर माहौल हल्का हुआ और विधायकों का शुरुआती तनाव भी दूर हो गया।
‘डरो मत, मैंने किसी का रिपोर्ट कार्ड नहीं देखा’
प्रधानमंत्री मोदी ने विधायकों को स्पष्ट किया कि उन्हें किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से बैठक को लेकर मीडिया में कई तरह की बातें चल रही हैं, लेकिन बैठक का उद्देश्य वैसा बिल्कुल नहीं है, जैसा बताया जा रहा था।
पीएम मोदी ने साफ कहा कि उन्होंने न तो किसी विधायक का रिपोर्ट कार्ड देखा है और न ही किसी को तलब किया गया है। उन्होंने बताया कि यह मुलाकात सामान्य और परिचयात्मक है। प्रधानमंत्री की इस स्पष्टता के बाद विधायकों ने भी खुलकर बातचीत शुरू की।
बैठक में सबसे पहले प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने अपनी बात रखी। इसके बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने संबोधित किया। अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने विधायकों से संवाद किया।
पुराने भाजपा नेताओं और विधानसभा क्षेत्रों की ली जानकारी
प्रधानमंत्री ने विधायकों से उनके विधानसभा क्षेत्रों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने वहां के पुराने भाजपा नेताओं और संगठन से जुड़े लोगों के बारे में भी चर्चा की। पीएम मोदी ने हरियाणा के महत्व का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश का प्रभाव केवल राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे देश पर पड़ता है।
उन्होंने विधायकों से कहा कि हरियाणा को हर क्षेत्र में आगे ले जाने के लिए लगातार प्रयास किए जाने चाहिए। इसके लिए सरकार, संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।
किसानों के लिए प्राकृतिक खेती पर जोर
बैठक में किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी विशेष चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने विधायकों से कहा कि वे किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करें।
प्रधानमंत्री ने कम से कम प्रत्येक किसान को अपनी जमीन के एक हिस्से, विशेष रूप से एक एकड़ में प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही। इसका उद्देश्य खेती की लागत कम करने के साथ-साथ मिट्टी की सेहत और पर्यावरण को बेहतर बनाना है।
हर विधानसभा क्षेत्र के 30-35 गांवों में पहुंचे विधायक
प्रधानमंत्री मोदी ने विधायकों को जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के करीब 30 से 35 गांवों में नियमित बैठकें करने का सुझाव दिया।
इन बैठकों के जरिए ग्रामीणों से सीधे संवाद करने, उनकी समस्याएं सुनने और समाधान की दिशा में काम करने पर जोर दिया गया। पीएम मोदी ने टिफिन बैठक, संवाद कार्यक्रम और स्वच्छता अभियान जैसे आयोजनों के माध्यम से गांवों से जुड़ने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि विधायक, मंत्री, नेता और पार्टी कार्यकर्ता केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि जनता के बीच जाएं और उनकी समस्याओं के समाधान का माध्यम बनें।

बालिका शिक्षा पर भी विशेष ध्यान
प्रधानमंत्री ने बालिका शिक्षा को लेकर भी विधायकों को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने ऐसे क्षेत्रों में ज्यादा ध्यान देने को कहा, जहां लड़कियों की शिक्षा का स्तर अभी अपेक्षाकृत कम है।
पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए महिलाओं, युवाओं और किसानों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। मुख्यमंत्री सैनी के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत केवल सरकार के प्रयासों से नहीं बनेगा। जब किसान, युवा और महिलाएं संकल्प के साथ आगे बढ़ेंगे, तभी विकसित भारत के साथ विकसित हरियाणा का लक्ष्य भी पूरा होगा।
‘राजनीति सत्ता नहीं, सेवा का माध्यम’
बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री के साथ हुई मुलाकात को ऐतिहासिक और प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हरियाणा के विधायकों को पर्याप्त समय दिया और विकास, जनसेवा तथा संगठन को लेकर मार्गदर्शन किया।
सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हरियाणा को परिवार की तरह मानते हुए विधायकों से उसी आत्मीयता के साथ संवाद किया। उन्होंने प्रधानमंत्री के संदेश को दोहराते हुए कहा कि राजनीति सत्ता हासिल करने का नहीं, बल्कि सेवा करने का माध्यम है।
स्मृति ईरानी और भोला सिंह से भी हुई चर्चा
प्रधानमंत्री से मुलाकात के अलावा हरियाणा भाजपा के विधायकों ने पार्टी की नई प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी, सह प्रभारी भोला सिंह और प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा से भी अलग-अलग चर्चा की। बैठक में संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी के साथ हरियाणा भाजपा विधायकों की यह मुलाकात किसी सख्त समीक्षा बैठक के बजाय आत्मीय संवाद और संगठनात्मक मार्गदर्शन पर केंद्रित रही। बैठक से पहले जिस तनाव की चर्चा थी, वह प्रधानमंत्री के सहज अंदाज से शुरुआती कुछ मिनटों में ही खत्म हो गया। इसके बाद चर्चा का फोकस रिपोर्ट कार्ड से हटकर जनता के बीच पहुंच, विकास, प्राकृतिक खेती, बालिका शिक्षा और सेवा की राजनीति पर आ गया।
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