नई दिल्ली– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 अक्टूबर को नई दिल्ली में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रदेश के भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायकों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में हरियाणा की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, पार्टी संगठन की तैयारियों और आगामी चुनावों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। बैठक में पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर विपक्ष के अभियान पर भी मंथन हो सकता है।

सूत्रों के अनुसार, बैठक शनिवार शाम को होने की उम्मीद है। इसमें हरियाणा से जुड़े राजनीतिक और संगठनात्मक मामलों पर पार्टी नेताओं से फीडबैक लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अर्चना गुप्ता और हरियाणा के सभी भाजपा विधायकों के बैठक में शामिल होने की संभावना है।
हरियाणा की राजनीतिक स्थिति पर होगा मंथन
प्रधानमंत्री के साथ होने वाली बैठक में हरियाणा की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और राज्य में भाजपा के संगठनात्मक कामकाज की समीक्षा किए जाने की संभावना है। पार्टी नेतृत्व आगामी राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए प्रदेश संगठन की तैयारियों पर भी चर्चा कर सकता है।
बैठक के दौरान विधायकों से उनके विधानसभा क्षेत्रों की स्थिति, जनता से जुड़े प्रमुख मुद्दों और संगठन के स्तर पर सामने आ रही चुनौतियों को लेकर जानकारी ली जा सकती है। इसके अलावा सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल को लेकर भी बातचीत होने की संभावना है।
पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर भी चर्चा
भाजपा ने पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी राज्य में नशे की समस्या को प्रमुख चुनावी मुद्दे के तौर पर उठा रही है। हाल के दिनों में भाजपा नेताओं ने पंजाब सरकार पर नशे की समस्या, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर निशाना साधा है।
प्रधानमंत्री मोदी की बैठक में पंजाब चुनाव की तैयारियों और पड़ोसी राज्यों में राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। भाजपा संगठन पंजाब में अपनी चुनावी रणनीति को मजबूत करने के लिए लगातार गतिविधियां बढ़ा रहा है।
SIR को लेकर विपक्ष के अभियान पर भी चर्चा
बैठक में मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भी चर्चा हो सकती है। विपक्षी दल इस प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठा रहे हैं।
भाजपा नेतृत्व की ओर से इस मुद्दे पर राज्य इकाइयों की रणनीति और विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के तरीके पर पार्टी नेताओं के साथ विचार-विमर्श किया जा सकता है। चुनावी राज्यों में SIR को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने के बीच भाजपा की रणनीति पर भी बैठक में चर्चा संभव है।
हरियाणा में संगठनात्मक बदलाव भी अहम
हरियाणा भाजपा में हालिया संगठनात्मक बदलाव भी इस बैठक के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी के संगठनात्मक फेरबदल के तहत पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सतीश पूनिया की जगह हरियाणा भाजपा प्रभारी की जिम्मेदारी संभाली है।
ऐसे में प्रधानमंत्री की मुख्यमंत्री और भाजपा विधायकों के साथ बैठक में राज्य संगठन की कार्यप्रणाली, सरकार और संगठन के बीच समन्वय तथा आने वाली राजनीतिक चुनौतियों को लेकर चर्चा हो सकती है। बैठक से पार्टी के हरियाणा संगठन की आगामी दिशा और प्राथमिकताओं को लेकर भी संकेत मिलने की संभावना है।
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