फरीदाबाद के तिगांव थाना में तैनात ASI हिदायत खान को ACB ने 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
तिगांव थाने में तैनात ASI पर रिश्वत मांगने का आरोप
फरीदाबाद के तिगांव थाना क्षेत्र से रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने तिगांव थाने में तैनात सहायक उप निरीक्षक (ASI) हिदायत खान को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते कथित तौर पर रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि ASI ने लड़का-लड़की के घर से चले जाने से जुड़े करीब एक महीने पुराने मामले को रफा-दफा करने के नाम पर एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले की जांच की और इसके बाद रिश्वत पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
लड़का-लड़की के घर से चले जाने का था मामला
जानकारी के मुताबिक, लड़का और लड़की करीब एक महीने से गांव में एक परिवार के यहां रह रहे थे। इस मामले में लड़की के परिजनों की ओर से राजस्थान में लड़के के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था।
इसके बाद लड़की के परिवार की ओर से तिगांव थाने में भी शिकायत दी गई। इस शिकायत की जांच की जिम्मेदारी ASI हिदायत खान के पास थी।
मामला खत्म करने के नाम पर एक लाख मांगने का आरोप

शिकायत के अनुसार, जांच के दौरान ASI ने लड़के के परिवार पर दबाव बनाया। आरोप है कि मामले को रफा-दफा करने और लड़के को कार्रवाई से बचाने के नाम पर परिवार से एक लाख रुपये की मांग की गई।
रिश्वत की कथित मांग के बाद लड़के पक्ष ने राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से संपर्क किया। शिकायत मिलने के बाद ACB ने पूरे मामले की जांच की और कार्रवाई की योजना बनाई।
20 हजार रुपये लेते ही ACB ने पकड़ा
ACB की योजना के मुताबिक शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम देने के लिए कहा गया। जैसे ही ASI हिदायत खान ने कथित तौर पर 20 हजार रुपये की रिश्वत ली, मौके पर मौजूद ACB की टीम ने उसे पकड़ लिया।
कार्रवाई के बाद ACB टीम आरोपी ASI को अपने साथ ले गई। उससे मामले को लेकर पूछताछ की गई और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
ACB की जांच जारी
फिलहाल मामले में ACB की जांच जारी है। जांच के दौरान रिश्वत की मांग, लेन-देन और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। आरोपी ASI के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रिश्वतखोरी के मामलों में ACB की इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कार्रवाई करना और रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।
नोट: ASI हिदायत खान पर लगाए गए रिश्वत मांगने के आरोप जांच और कानूनी प्रक्रिया के अधीन हैं। गिरफ्तारी अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है।
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