भिवानी के बहल में ज्वलनशील केमिकल से भरा टैंकर पलटने के बाद भीषण आग लग गई। करीब 30 दुकानें और रेहड़ियां आग की चपेट में आ गईं।
राजगढ़ मार्ग पर पलटा केमिकल से भरा टैंकर
भिवानी के बहल में शनिवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। राजगढ़ मार्ग पर गुजरात के कांडला से सोनीपत जा रहा ज्वलनशील केमिकल से भरा टैंकर अचानक पलट गया। हादसे के बाद टैंकर से केमिकल निकलकर पास के नाले में बहने लगा।
हादसे के बाद मौके पर स्थिति उस समय और गंभीर हो गई, जब रविवार सुबह टैंकर को उठाने के दौरान अचानक उसमें आग लग गई। देखते ही देखते आग ने आसपास के इलाके को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया।
टैंकर उठाते समय अचानक भड़की आग
जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात करीब साढ़े 11 बजे टैंकर बहल के राजगढ़ मार्ग पर पहुंचा था। इसी दौरान चालक का टैंकर से नियंत्रण बिगड़ गया और वह सड़क किनारे पलट गया।
टैंकर में भरा केमिकल बाहर फैल गया। पास में मौजूद नाले में भी बड़ी मात्रा में केमिकल चला गया। रविवार सुबह करीब आठ बजे टैंकर को जेसीबी की मदद से उठाने का प्रयास किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक आग लग गई।
ज्वलनशील केमिकल होने के कारण आग ने बेहद तेजी से विकराल रूप ले लिया।
30 रेहड़ियां और खोखे आग की चपेट में
आग फैलते ही सड़क किनारे मौजूद करीब 30 फल-सब्जी की रेहड़ियां और चाय के खोखे इसकी चपेट में आ गए। देखते ही देखते कई दुकानें और रेहड़ियां जलकर राख हो गईं।
कुछ चाय के खोखों पर रखे गैस सिलेंडर भी आग की चपेट में आ गए। आग की गर्मी के कारण सिलेंडर फटने से मौके पर स्थिति और खतरनाक हो गई।
हादसे के कारण आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
नाले में करीब 2 किलोमीटर तक फैला केमिकल
टैंकर से निकला केमिकल नाले के रास्ते काफी दूर तक फैल गया था। रिपोर्ट के अनुसार, डिस्पोजल तक करीब दो किलोमीटर की दूरी में केमिकल पहुंच गया।
इसके बाद नाले में भी आग फैल गई। जहां-जहां केमिकल पहुंचा, वहां आग की लपटें दिखाई देने लगीं। इससे आग पर काबू पाने में दमकल कर्मियों को अतिरिक्त चुनौती का सामना करना पड़ा।
सिवानी की दमकल गाड़ी का पानी हुआ खत्म

आग की सूचना मिलते ही सिवानी से दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची। हालांकि आग की भयावहता को देखते हुए एक गाड़ी पर्याप्त साबित नहीं हुई और उसका पानी भी जल्द खत्म हो गया।
इसके बाद भिवानी, हांसी और हिसार से भी दमकल की गाड़ियां मौके पर बुलानी पड़ीं। दमकल विभाग की टीमें आग पर काबू पाने के प्रयास में जुटी रहीं।
बड़े नुकसान से सहमे स्थानीय लोग
केमिकल के फैलने के बाद आग टैंकर तक सीमित नहीं रही, बल्कि नाले और उसके आसपास के व्यावसायिक क्षेत्र तक पहुंच गई। करीब 30 रेहड़ियों और खोखों के जलने से स्थानीय कारोबारियों को नुकसान हुआ है।
फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पाने और हादसे के कारणों से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। टैंकर में मौजूद केमिकल की प्रकृति और आग लगने की सटीक वजह से संबंधित जानकारी जांच के बाद और स्पष्ट हो सकेगी।
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