चंडीगढ़: अगर किसी छात्र के पास प्रदेश की किसी समस्या का समाधान करने वाला इनोवेटिव आइडिया है, तो अब उसे सिर्फ कागज तक सीमित रखने की जरूरत नहीं होगी। हरियाणा सरकार ऐसे आइडिया को प्रोटोटाइप और व्यावहारिक समाधान में बदलने के लिए शुरुआती आर्थिक मदद उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। इसके तहत चयनित प्रस्तावों को एक लाख रुपये तक की सीड फंडिंग दी जा सकेगी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई हरियाणा स्टेट इनोवेशन सोसाइटी की पहली बैठक में इस नवाचार योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। योजना का उद्देश्य छात्रों, विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों को प्रदेश की वास्तविक जरूरतों से जुड़े समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
छात्रों के आइडिया को मिलेगा शुरुआती फंड
इस योजना के तहत विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और विद्यार्थियों से ऐसे शोध और नवाचार प्रस्ताव लिए जाएंगे, जो हरियाणा की वास्तविक समस्याओं का समाधान करने में उपयोगी हो सकते हैं।
प्रारंभिक जांच में उपयुक्त पाए जाने वाले प्रस्तावों को विस्तृत डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने के लिए एक लाख रुपये तक की सीड फंडिंग दी जा सकेगी। इसके बाद संबंधित विभाग के साथ मिलकर तैयार की गई परियोजना रिपोर्ट को आगे की वित्तीय मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
इससे छात्रों और शोधकर्ताओं को अपने आइडिया को शुरुआती स्तर पर विकसित करने और उसकी व्यवहारिकता जांचने में मदद मिलेगी।
सिर्फ शोध पत्र नहीं, जमीन पर समाधान पहुंचाने पर जोर
सरकार की इस पहल का फोकस केवल शोध पत्र तैयार करने तक सीमित नहीं रहेगा। योजना के तहत लैब से खेत-खलिहान तक समाधान पहुंचाने और फिर उसे नीति निर्माण से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।
इसके लिए विकसित हरियाणा-2047, डिजिटल गवर्नेंस, टिकाऊ खेती, शहरी प्रबंधन, आधुनिक विनिर्माण और सामाजिक-आर्थिक विकास जैसे क्षेत्रों से जुड़े प्रोजेक्ट को प्रोत्साहित किया जाएगा।
भूमिगत जल की गुणवत्ता पर भी होगा प्रयोग
बैठक में भूमिगत जल की गुणवत्ता से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रयोग की संभावना पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को एक जिले में पायलट प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस परियोजना के तहत अनुपयोगी पानी को उपयोगी या पीने योग्य बनाने के लिए तकनीक विकसित करने की संभावनाओं पर काम किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के परिणामों के आधार पर इसे आगे अन्य क्षेत्रों में लागू करने की संभावनाएं देखी जा सकती हैं।
गूगल इंडिया और IIT दिल्ली समेत संस्थानों का सहयोग
हरियाणा स्टेट इनोवेशन मिशन ने नवाचार को बढ़ावा देने के लिए गूगल इंडिया, आईआईटी दिल्ली और एनआईटी कुरुक्षेत्र समेत कई संस्थानों के साथ समझौते किए हैं। इन संस्थानों के सहयोग से तकनीकी विशेषज्ञता, शोध और इनोवेशन से जुड़े प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकार की इस पहल से छात्रों और शोधकर्ताओं को अपने आइडिया को शुरुआती स्तर पर विकसित करने के साथ-साथ उन्हें व्यावहारिक समाधान और संभावित बिजनेस मॉडल में बदलने का अवसर मिल सकता है।
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