चंडीगढ़। हरियाणा में नशा तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज करने की तैयारी की है। पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने पंचकूला में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर नशा तस्करों के पूरे नेटवर्क और उनके वित्तीय स्रोतों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
DGP ने कहा कि कार्रवाई सिर्फ नशा तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क और अवैध कमाई के स्रोतों पर भी प्रहार किया जाए। नशा तस्करी से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें नियमानुसार अटैच करने और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

नशा तस्करी के नेटवर्क पर विशेष नजर
बैठक में नशा तस्करी, संगठित अपराध, गैंगस्टर नेटवर्क, महिला एवं बाल सुरक्षा और कानून-व्यवस्था सहित कई मुद्दों की समीक्षा की गई।
हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की पुलिस अधीक्षक सृष्टि गुप्ता ने नशा तस्करी के खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर प्रस्तुति दी। इसमें NDPS एक्ट के तहत जांच, कमर्शियल क्वांटिटी के मामलों, संगठित गिरोहों की पहचान और K-9 डॉग स्क्वाड की भूमिका से जुड़ी जानकारी दी गई।
ब्यूरो प्रमुख एडीजीपी संजय कुमार ने संगठित नशा तस्करी गिरोहों के नेटवर्क को तोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की कार्यप्रणाली की जल्द समीक्षा की जाएगी और जिला स्तर पर उसके प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। इसके साथ ही नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जनजागरूकता और पुलिस के सूचना तंत्र को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
गैंगस्टर नेटवर्क और फिरौती के मामलों पर भी सख्ती
DGP ने फिरौती के लिए धमकियों और संगठित अपराध के मामलों में प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों से अपराधियों के आपसी संपर्क, युवाओं को गिरोहों में शामिल करने के तरीकों और संचार माध्यमों का विश्लेषण करने को कहा गया।
जेलों में बंद अपराधियों के बीच होने वाले संपर्कों पर भी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
CCTV नेटवर्क मजबूत करने पर जोर
अपराध नियंत्रण के लिए प्रदेश में CCTV नेटवर्क को और मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि हरियाणा में करीब 1.25 लाख CCTV कैमरे लगाए जा चुके हैं।
होटल, बैंक, ज्वेलरी शॉप, बाजार, आरडब्ल्यूए और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सड़क की ओर कैमरे लगाने के लिए संबंधित संस्थानों के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा महिला अपराध, गुमशुदा बच्चों की तलाश और धरना-प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर भी पुलिस अधिकारियों को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
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