हरियाणा में पीआर धान की सरकारी खरीद मंगलवार से शुरू हो गई। पहले दिन चार जिलों में कुल 18,390 क्विंटल धान की खरीद हुई। हालांकि, अधिक नमी, पोर्टल पर मिसमैच और सत्यापन में आ रही तकनीकी दिक्कतों के कारण कई मंडियों में खरीद प्रक्रिया धीमी रही। वहीं, जींद और पानीपत में राइस मिलर्स के पंजीकरण नहीं होने से खरीदे गए धान के उठान को लेकर भी चुनौती सामने आई है।
धान की सरकारी खरीद शुरू होने के साथ ही प्रदेश की मंडियों में किसानों की आवाजाही बढ़ गई है। कुरुक्षेत्र में पहले दिन सबसे अधिक 13,720 क्विंटल धान की खरीद हुई। इसमें थानेसर मंडी में 1,200 क्विंटल धान खरीदा गया। यमुनानगर की 13 अनाज मंडियों में 3,400 क्विंटल धान की खरीद हुई, जबकि करनाल में 470 क्विंटल धान खरीदा गया। ढांड मंडी में भी 800 क्विंटल धान की खरीद हुई।

नमी और पोर्टल की गड़बड़ी बनी बड़ी परेशानी
कई मंडियों में धान में अधिक नमी होने के कारण खरीद प्रभावित हुई। इसके अलावा पोर्टल पर मिसमैच की समस्या के चलते किसानों का सत्यापन नहीं हो पाया और कई किसानों के गेट पास भी नहीं कट सके। मंडियों में पोर्टल से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों के कारण किसानों को इंतजार करना पड़ा।
कुछ किसान पिछले कई दिनों से मंडियों में धान लेकर बैठे हैं। खरीद नहीं होने की स्थिति में उन्हें निजी खरीदारों को कम कीमत पर धान बेचने की मजबूरी का सामना करना पड़ रहा है। निजी खरीदारों की ओर से पीआर धान के लिए करीब 2,200 से 2,250 रुपये प्रति क्विंटल तक के भाव बताए गए, जबकि सरकारी खरीद में धान के लिए निर्धारित एमएसपी इससे अधिक है।
पीआर धान का एमएसपी कितना है?
सरकार ने धान (पीआर) सामान्य के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,441 रुपये प्रति क्विंटल और धान (पीआर) ग्रेड-ए के लिए 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।
जींद और पानीपत में राइस मिलर्स के पंजीकरण से बढ़ी चिंता
धान की खरीद के साथ उसके उठान और मिलिंग की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है। जींद और पानीपत में अभी तक किसी भी राइस मिलर ने पंजीकरण नहीं कराया है। ऐसे में अगर मंडियों में धान की सरकारी खरीद बढ़ती है तो उसके उठान को लेकर चुनौती खड़ी हो सकती है।
वहीं, कैथल में राइस मिलर्स अपनी मांगों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं। करनाल में आढ़तियों की ओर से भी बकाया आढ़त का भुगतान करने की मांग उठाई जा रही है।
करनाल में नमी मापक यंत्रों की जांच पर सवाल
करनाल मंडी के निरीक्षण के दौरान धान की नमी की जांच में भी अंतर सामने आया। एक नमी मापक यंत्र में धान की नमी 21 प्रतिशत, जबकि दूसरे यंत्र में 19 प्रतिशत दर्ज हुई। इसके बाद अधिकारियों ने नमी मापक यंत्र को ठीक कराने के निर्देश दिए।
असंध के विधायक योगेंद्र राणा ने भी मंगलवार को असंध की नई अनाज मंडी का दौरा किया और धान खरीद प्रक्रिया की शुरुआत करवाई।
कैथल में 1509 धान के रिकॉर्ड भाव से किसान खुश
पीआर धान की सरकारी खरीद के बीच कैथल अनाज मंडी में 1509 धान के भाव ने किसानों को राहत दी। मंगलवार को 1509 धान का भाव 4,345 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया, जिसे अब तक का सबसे अधिक भाव बताया गया।
किसानों के अनुसार, इस बार 1509 धान के भाव पिछले साल की तुलना में करीब 1,200 से 1,300 रुपये प्रति क्विंटल अधिक मिल रहे हैं। पिछले साल 1509 धान के भाव लगभग 2,800 से 3,000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहे थे।
सिरसा में अभी नहीं पहुंचा पीआर धान
सिरसा मंडी में मंगलवार को पीआर धान की आवक शुरू नहीं हुई। वहीं, जींद और पानीपत में सरकारी खरीद नहीं हो सकी। ऐसे में आने वाले दिनों में मंडियों में धान की आवक बढ़ने के साथ खरीद व्यवस्था पर दबाव बढ़ने की संभावना है।
फिलहाल किसानों की नजर सरकारी खरीद की रफ्तार, पोर्टल की तकनीकी समस्याओं के समाधान और राइस मिलर्स के पंजीकरण पर है। इन व्यवस्थाओं के सुचारु होने के बाद ही मंडियों में धान की खरीद और उठान की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।
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