Nagpur फ्लायओवर विवाद: Indora-Dighori रोटरी प्रोजेक्ट पर बालकनियों के बेहद पास से गुजरती बीम ने खड़ा किया सुरक्षा संकट
विवाद की पृष्ठभूम
National Highways Authority of India (NHAI) द्वारा Nagpur शहर में NH-353D पर Indora-Dighori फ्लायओवर परियोजना का निर्माण कार्य जारी है। इस प्रोजेक्ट में Ashok Square / Ashok Chowk के पास एक इलेवेटेड रोटरी (Elevated Rotary) भी बनाया जा रहा है, जो ट्रैफिक को जाम से राहत देने और शहर के भीतर तेज़ आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर हाल ही में वायरल हुए कुछ वीडियो और तस्वीरों ने इस प्रोजेक्ट पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन वीडियोज़ में दिखा कि फ्लायओवर की भारी बीम (beam) कुछ इमारतों की बालकनियों के बेहद नज़दीक से गुजर रही है। कुछ लोगों को ऐसा भी लग रहा है कि फ्लायओवर सीधे बालकनियों को काटता हुआ निकल रहा है, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हो गई है।
अधिकारियों की सफाई और तकनीकी पक्ष
- National Highways Authority of India (NHAI) का कहना है कि इस प्रोजेक्ट का निर्माण अनुमोदित डिज़ाइन (Approved Design Drawings) के अनुसार ही किया जा रहा है।
- NHAI ने स्पष्ट किया कि फ्लायओवर और इमारत की बालकनी के बीच लगभग 1.5 मीटर की दूरी रखी गई है, जो तकनीकी मानकों के हिसाब से सुरक्षित मानी जाती है।
- अधिकारियों ने यह भी कहा कि जिन बालकनियों की बात की जा रही है, वे ग़ैरक़ानूनी विस्तार (Illegal Extensions / Encroachments) हैं।
- इस कारण, यदि भविष्य में कोई कार्रवाई होती है, तो ये अवैध हिस्से हटाए जा सकते हैं।
घर मालिकों और स्थानीय लोगों की दलीलें
- घर मालिकों ने कहा कि फ्लायओवर की बीम बालकनी को छू नहीं रही, बल्कि बस करीब से गुजर रही है।
- उनका कहना है कि यह बीम बालकनी से लगभग 14–15 फीट की ऊँचाई पर है, जिससे किसी भी तरह का सीधा संपर्क नहीं होता।
- कुछ लोगों ने यह भी कहा कि उन्होंने पहले ही नगर निगम को बालकनी के बारे में सूचित कर दिया था और निगम ने उस समय इसे स्वीकार कर लिया था कि आवश्यक संशोधन या हटाव बाद में किया जाएगा।
- स्थानीय निवासियों का कहना है कि अचानक इतने पास से फ्लायओवर बनने से प्राइवेसी, सुरक्षा और संपत्ति मूल्य पर भी असर पड़ सकता है।
कानूनी और शहरी नियोजन के पहलू
- यह इलाका शहर का Shamghat क्षेत्र है, जिसे Notified Slum घोषित किया गया है।
- इस प्रकार के क्षेत्रों में अक्सर घर बिना स्वीकृत नक्शों के बनाए जाते हैं, जिससे ऐसे निर्माण विवाद पैदा होते हैं।
- NHAI ने अक्टूबर 2024 में Nagpur Municipal Corporation (NMC) को एक पत्र लिखकर कहा था कि “रोटरी के आउटर बीम के लिए तय जगह में 2-3 दुकानें बाधा बन रही हैं”, और उन्हें हटाने के निर्देश दिए गए थे।
- निर्माण कंपनी (Contractor) ने पहले सुझाव दिया था कि इन हिस्सों को जैसा है वैसा छोड़कर निर्माण आगे बढ़ा दिया जाए, लेकिन तकनीकी और सुरक्षा कारणों से ऐसा नहीं किया जा सका।
आगे की कार्रवाई
- Nagpur Municipal Corporation (NMC) को कहा गया है कि वह मौके पर जाकर यह जांच करे कि जिन बालकनियों से बीम करीब से गुजर रही है वे कानूनी रूप से स्वीकृत हैं या अवैध विस्तार।
- यदि ये बालकनियां अवैध पाई जाती हैं, तो नगर निगम उन्हें हटाने की कार्रवाई कर सकता है।
- दूसरी ओर, यदि बालकनियां वैध साबित होती हैं, तो फ्लायओवर के डिज़ाइन में संशोधन कर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करने की ज़रूरत होगी।
सुरक्षा और जनता की चिंता
- स्थानीय लोगों का कहना है कि बीम और बालकनी के बीच बहुत कम दूरी होने से आपातकालीन स्थितियों (जैसे आग, भूकंप या दुर्घटना) में बचाव कार्य प्रभावित हो सकता है।
- साथ ही, फ्लायओवर पर चलने वाले भारी वाहनों से आने वाले कंपन और शोर का असर भी इमारतों पर पड़ सकता है।
- विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का निर्माण भविष्य में Urban Safety और Building Code के कई नियमों का उल्लंघन कर सकता है।

निष्कर्ष
Nagpur में Indora-Dighori फ्लायओवर प्रोजेक्ट का उद्देश्य भले ही शहर के ट्रैफिक को राहत देना है, लेकिन इस तरह की डिज़ाइन और प्लानिंग से जुड़ी चूकें भविष्य में बड़े खतरे पैदा कर सकती हैं। अब यह देखना होगा कि National Highways Authority of India और Nagpur Municipal Corporation मिलकर इस विवाद को कैसे सुलझाते हैं — क्या अवैध हिस्से हटाए जाएंगे या फ्लायओवर डिज़ाइन में बदलाव होगा।
