24 घंटे का महाजाम—उद्योगपति को हेलिकॉप्टर से बचाया!
मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर शनिवार रात एक गैस टैंकर के पलट जाने के बाद पूरे 24 घंटे तक भीषण ट्रैफिक जाम लगा रहा। इस जाम में आम लोगों के साथ देश के बड़े उद्योगपति भी फंसे रहे, जिन्हें आखिरकार हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट करना पड़ा। इस घटना ने एक्सप्रेसवे की आपातकालीन तैयारी और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे लगा 24 घंटे का महाजाम?
सूत्रों के अनुसार, मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर एक गैस टैंकर के पलटने से दोनों तरफ वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतार लग गई।
- गाड़ियाँ पूरी तरह रुकी रहीं
- लोग घंटों तक बिना हिले फंसे रहे
- कुछ जगह यात्रियों को पानी और भोजन तक की दिक्कत झेलनी पड़ी
लोगों का कहना है कि अगर किसी एक्सप्रेसवे पर किसी हादसे के बाद स्थिति सामान्य करने में 24 घंटे लग जाते हैं, तो ऐसी स्थिति में इमरजेंसी में फंसे लोगों का क्या हाल होता होगा।
उद्योगपति सुधीर मेहता 8 घंटे फंसे, फिर हुआ एयरलिफ्ट
जाम के दौरान पिनैकल ग्रुप के चेयरमैन, उद्योगपति डॉ. सुधीर मेहता भी लगभग 8 घंटे तक एक्सप्रेसवे पर फंसे रहे।
उन्हें एक महत्वपूर्ण कार्य से पुणे पहुंचना था, लेकिन जाम के कारण रास्ता पूरी तरह बंद था। इसके बाद उनकी टीम ने हेलिकॉप्टर की व्यवस्था की और उन्हें एक्सप्रेसवे से एयरलिफ्ट कर पुणे पहुंचाया गया।
एयरलिफ्ट होने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर करते हुए इमरजेंसी प्रबंधन पर सवाल उठाए और कहा—
“लंबे एक्सप्रेसवे पर ऐसी परिस्थितियों में बेहतर निकासी व्यवस्था होनी चाहिए।”

व्यवस्था पर बड़े सवाल — क्या सीख लेनी चाहिए?
इस हादसे और लंबे जाम ने कई गंभीर प्रश्न खड़े किए—
1. क्या एक्सप्रेसवे पर इमरजेंसी रिस्पॉन्स इतना धीमा क्यों?
सवाल उठा कि किसी बड़े हादसे को सामान्य करने में 24 घंटे क्यों लगे?
2. लंबी दूरी तक एक्सिट पॉइंट क्यों नहीं हैं?
कई यात्रियों का कहना था कि यदि बीच-बीच में इमरजेंसी एग्ज़िट पॉइंट होते, तो जाम में फंसे वाहन वापस मोड़े जा सकते थे।
3. क्या हेलिपैड की व्यवस्था जरूरी है?
उद्योगपति डॉ. मेहता ने सुझाव दिया कि एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह छोटे हेलिपैड बनाए जाएं, जो:
- कम जगह लेंगे
- कम लागत में तैयार होंगे
- और इमरजेंसी में “जीवनदायिनी” साबित हो सकते हैं
इमरजेंसी एग्ज़िट और हेलीपैड की मांग तेज
इस घटना के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय यात्रियों के बीच यह मांग उठी है कि—
- एक्सप्रेसवे पर इमरजेंसी एग्ज़िट प्वाइंट्स बनाए जाएं
- बड़े हाईवे पर फास्ट रेस्पॉन्स टीम, क्रेन, डिसास्टर यूनिट और मेडिकल हेल्प हमेशा तैयार रहे
- हाई-ट्रैफिक एक्सप्रेसवे पर हेलिकॉप्टर इवैक्यूएशन पॉलिसी लागू हो
लोगों का कहना है कि देश के सबसे व्यस्त एक्सप्रेसवे पर 24 घंटे का जाम केवल प्रबंधन की कमजोरी को उजागर करता है।
