ममता बनर्जी खुद सुप्रीम कोर्ट में दलीलें रखने को तैयार
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर सुर्खियों में हैं—लेकिन इस बार राजनीति नहीं, बल्कि अदालत के भीतर अपनी स्वयं की पैरवी को लेकर। जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में अनुमति मांगेंगी कि वे SIR (Special Intensive Revision) वोटर लिस्ट मामले में अपने ही केस की दलीलें खुद रखें।
अगर अनुमति मिलती है, तो ममता बनर्जी भारत की पहली मौजूदा मुख्यमंत्री होंगी जो सुप्रीम कोर्ट में स्वयं बहस करेंगी।

यह पूरा विवाद चुनाव आयोग के SIR प्रोसेस को लेकर है, जिस पर ममता और उनकी पार्टी TMC का आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए “साधारण मतदाताओं को व्यवस्थित रूप से हटाया जा रहा है” और इसका असर आगामी चुनावों पर पड़ सकता है।
पिछले महीने CJI सूर्यकांत की बेंच ने चुनाव आयोग को सख्त निर्देश दिए थे कि वोटर लिस्ट संशोधन पूरी तरह पारदर्शी, सुलभ और वोटर-फ्रेंडली होना चाहिए। अदालत ने कहा था कि—
- हर ‘डिस्क्रेपेंसी नोटिस’ को औपचारिक रूप से सूचित किया जाए
- हर नागरिक को अपनी पात्रता साबित करने का निष्पक्ष मौका मिले
- सुनवाई स्थलों को पंचायत और ब्लॉक कार्यालय तक बढ़ाया जाए
- हर आवेदन की लिखित पावती दी जाए
- नोटिस प्राप्त मतदाताओं की सूची सार्वजनिक की जाए
अब ममता का खुद कोर्ट में उतरना इस मामले को और राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना देता है।
