अब दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे की सुरक्षा ‘आसमान’ से!
दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे अब न सिर्फ अपनी रफ्तार के लिए, बल्कि हाई-टेक सुरक्षा निगरानी के लिए भी जाना जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस एक्सप्रेसवे के 50 किलोमीटर लंबे एक्सेस-कंट्रोल लिंक की सुरक्षा और गुणवत्ता सुधार के लिए ड्रोन सर्विलांस सिस्टम लागू करने का बड़ा फैसला लिया है।
ड्रोन सर्वे से सड़क की हर ‘दरार’ पर नजर
NHAI के नए नियमों के मुताबिक:
- साल में कम से कम दो बार अनिवार्य ड्रोन सर्वे किया जाएगा।
- हाई-रेज़ोल्यूशन कैमरों से सड़क की सतह की छोटी-से-छोटी दरारें, धंसाव,
और जलभराव की समस्याएं समय रहते पकड़ में आ जाएंगी। - पुलों और फ्लाईओवर की संरचनात्मक मजबूती की जांच भी ड्रोन तकनीक से होगी।
इससे हाईवे की मरम्मत और रखरखाव को लेकर फैसला तेजी और सटीकता से लिया जा सकेगा।

स्वतंत्र इंजीनियर संभालेंगे सुरक्षा का मोर्चा
DND फ्लाईओवर से सोहना तक के मार्ग पर अब स्वतंत्र इंजीनियरों की नियुक्ति की जा रही है।
इनका कार्यक्षेत्र बहुत व्यापक होगा—
- हर महीने प्रगति रिपोर्ट तैयार कर NHAI को भेजना
- ट्रैफिक मैनेजमेंट और सड़क सुरक्षा मानकों की निगरानी
- पूरे प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी को डिजिटल पोर्टल पर अपडेट करना
- ब्लैक स्पॉट्स की पहचान और त्वरित सुधार के सुझाव देना
NHAI का मानना है कि इससे एक्सप्रेसवे की मॉनिटरिंग प्रोफेशनल, तेज और पारदर्शी बनेगी।
डीएनडी से सोहना तक 59 KM का ‘कनेक्टिविटी हब’
यह हाईवे लिंक दिल्ली NCR का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मार्ग का विवरण:
- शुरुआत: DND फ्लाईओवर
- रास्ता: कालिंदी कुंज → फरीदाबाद
- अंत: सोहना के पास KMP एक्सप्रेसवे से कनेक्शन
50 किलोमीटर हिस्सा यातायात के लिए पहले से खुला है, जबकि दिल्ली वाला एलिवेटेड सेक्शन इसी वर्ष पूरा किया जाएगा।
यह लिंक NCR ट्रैफिक के लिए लाइफलाइन माना जाता है।
ब्लैक स्पॉट्स पर विशेष ध्यान
ड्रोन सर्विलांस का एक बड़ा उद्देश्य:
दुर्घटना-प्रवण स्थानों की पहचान (Black Spots)
- ड्रोन से ट्रैफिक पैटर्न और खतरनाक मोड़ों का डेटा इकट्ठा होगा।
- दुर्घटनाओं को रोकने के लिए तुरंत सुधारात्मक कदम लिए जा सकेंगे।
- इससे एक्सप्रेसवे पर हादसे काफी हद तक घटने की उम्मीद है।

यात्रियों के लिए क्या बदलने वाला है?
- सड़क पर ज्यादा सुरक्षा
- गड्ढे और सड़क खराब होने की शिकायतें जल्दी ठीक
- ट्रैफिक अधिक स्मूद और तेज
- खतरे वाले पॉइंट्स पर तुरंत एक्शन
ड्रोन तकनीक के चलते दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे अब देश के सबसे सुरक्षित और भविष्य-ready हाईवे में शामिल होगा।
