हरियाणा के सरकारी कॉलेजों में कार्यरत एक्सटेंशन और गेस्ट लेक्चरर्स को लेकर उच्चतर शिक्षा विभाग ने जारी किया अति-आवश्यक आदेश
हरियाणा के सरकारी कॉलेजों से जुड़ी बड़ी प्रशासनिक अपडेट सामने आई है। उच्चतर शिक्षा निदेशालय, हरियाणा (Director General Higher Education – DGHE) ने राज्य के सभी सरकारी कॉलेजों के प्राचार्यों को MOST URGENT श्रेणी में एक अहम निर्देश जारी किया है।
निदेशालय की ओर से जारी इस आधिकारिक मेमो में कॉलेजों में कार्यरत Extension Lecturers और Guest Lecturers की विस्तृत जानकारी मांगी गई है। यह डेटा MOTP (Ministerial/Monitoring Objective Purpose) के तहत एकत्र किया जा रहा है, जिसे विभागीय स्तर पर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या मांगी गई है जानकारी
सूत्रों के अनुसार, विभाग सभी सरकारी कॉलेजों में अस्थायी रूप से कार्यरत शिक्षकों की वास्तविक संख्या, कार्यकाल और स्थिति का आकलन करना चाहता है। इसके लिए एक Google Form जारी किया गया है, जिसे प्रत्येक कॉलेज को अनिवार्य रूप से भरना होगा।
अंतिम तिथि बेहद नजदीक
आदेश में साफ किया गया है कि यह जानकारी
21 जनवरी 2026 को दोपहर 1:00 बजे तक
हर हाल में ऑनलाइन माध्यम से भेजनी होगी। समय सीमा चूकने पर संबंधित कॉलेज प्रशासन की जवाबदेही तय की जा सकती है।
क्यों अहम है यह आदेश
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भविष्य में:
- गेस्ट व एक्सटेंशन लेक्चरर्स की नीति निर्धारण
- कार्यकाल विस्तार या नई भर्ती
- बजट और मानव संसाधन योजना
जैसे बड़े फैसलों की नींव बन सकता है।
प्राचार्यों को सख्त निर्देश
उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने सभी सरकारी कॉलेज प्राचार्यों को निर्देश दिए हैं कि वे आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
इस आदेश के बाद राज्यभर के सरकारी कॉलेजों में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और समय पर डेटा अपलोड करने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
हरियाणा उच्च शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा यह अपडेट आने वाले दिनों में गेस्ट और एक्सटेंशन लेक्चरर्स के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।

