IndiGo Flight Crisis 2025: भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन में कैसे हुआ इतना बड़ा ऑपरेशनल ब्रेकडाउन?
भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo बीते दिनों सबसे बड़े ऑपरेशनल संकट से गुज़री। देशभर के एयरपोर्ट्स पर हज़ारों यात्री फंस गए, मिनटों में दर्जनों फ्लाइट्स रद्द हुईं और कई घंटों की देरी ने यात्रियों की यात्राओं को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। भारी भीड़, चढ़ती नाराज़गी और सोशल मीडिया पर गुस्से की बाढ़—यह एक ऐसा क्राइसिस था जिसने पूरे एविएशन सेक्टर को हिला कर रख दिया।
क्या हुआ? क्यों हुई इतनी बड़ी गड़बड़ी?
पिछले एक हफ्ते में IndiGo ने 1,000 से अधिक फ्लाइट्स रद्द कीं और 2,000 से ज्यादा फ्लाइट्स घंटों देरी से चलीं। कई एयरपोर्ट्स पर हालात इतने खराब हो गए कि यात्रियों को जमीन पर बैठकर लंबा इंतजार करना पड़ा।
सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है DGCA के नए Flight Duty Time Limitations (FDTL) — यानी पायलट और क्रू के लिए नए आराम और काम के नियम। ये नियम रात की उड़ानों और लगातार ड्यूटी पर कड़ा नियंत्रण रखते हैं।
IndiGo का नेटवर्क पहले ही रात की फ्लाइट्स पर काफी निर्भर था, ऐसे में नए नियमों ने कंपनी की planning को पूरी तरह झकझोर दिया।
❗ संकट की 4 बड़ी वजहें
1️⃣ नए FDTL नियम
नए नियमों में
- पायलटों की night duty कम,
- ज्यादा rest time,
- roster restrictions—
इन सबने IndiGo की existing schedule capacity को सीधे प्रभावित किया।
2️⃣ Crew और Pilot की कमी
लंबे समय से इंडस्ट्री में pilot shortage है। IndiGo ने भी नई hiring धीमी की हुई थी।
जब नए नियम आए — crew कम, flights ज्यादा → संकट तय था।
3️⃣ Winter Rush + Air Traffic Congestion
दिसंबर में
- त्योहार,
- वेडिंग सीज़न,
- holiday travel
सब peak पर होते हैं।
Fog और bad weather ने हालात और बिगाड़ दिए।
4️⃣ Poor Contingency Planning
इतनी बड़ी airline को backup crew, buffer time और alternate scheduling रखना चाहिए था।
लेकिन अचानक नया rule + crew कमी → पूरी network domino effect की तरह गिर गई।
Airports पर कैसी रही स्थिति?
- Delhi, Mumbai, Kolkata, Bengaluru जैसे व्यस्त एयरपोर्ट्स पर लंबी queues
- Child & senior passengers को कठिनाई
- Hundreds लोग railway / bus से emergency यात्रा करते दिखे
- कई यात्रियों की weddings, international connections छूट गईं
सोशल मीडिया पर लोगों ने वीडियो और शिकायतें जमकर शेयर कीं।
Government & DGCA की Response
DGCA ने तुरंत हस्तक्षेप किया और situation normal करने के लिए new rules में कुछ अस्थायी ढील दी।
साथ ही IndiGo से explanation report मांगी गई है।
Government ने भी airline से पूछा:
- contingency plan क्यों नहीं बनाया?
- extra crew क्यों नहीं रखा?
- passengers को timely assistance क्यों नहीं मिली?
Airline ने क्या कदम उठाए?
IndiGo ने damage control के लिए:
✔ Cancellation और reschedule charges waive
✔ Refund fast-track
✔ Network restore करने की कोशिश
✔ Extra crew mobilization
कंपनी का दावा है कि 95% network फिर से restore कर दिया गया है।
आगे क्या? क्या यह फिर हो सकता है?
Aviation experts का कहना है—
अगर airlines adequate buffers और proper rostering नहीं रखेंगी, तो ऐसे संकट फिर हो सकते हैं।
IndiGo जैसी बड़ी airline में breakdown means पूरा देश प्रभावित हो सकता है।
Passengers के लिए सलाह:
- Travel से पहले status check करें
- Winter में backup time रखें
- Refund policy पढ़ें
IndiGo crisis सिर्फ एक airline crisis नहीं—यह पूरे aviation system की कमजोरी को सामने लाता है।
Better planning, crew hiring, और sustainable schedules ही इस तरह की अराजकता को रोक सकती हैं।

IndiGo Flight Crisis 2025 यह दिखाता है कि जब heavy regulations, weather, planning errors और crew shortage एक साथ टकराते हैं — तब दुनिया की किसी भी बड़ी airline को गिरने में समय नहीं लगता।
India जैसे बड़े हवाई नेटवर्क में एक airline का गिरना पूरे aviation system को हिलाकर रख देता है।
IndiGo फिलहाल वापसी की तरफ बढ़ रहा है —
लेकिन यह घटना भारतीय विमानन उद्योग के लिए एक कड़ा सबक है।
