जींद: धुंध के चलते छह ट्रेनें रद्द, दिल्ली-जींद पैसेंजर तीन महीने बंद
सर्दियों के मौसम में बढ़ती धुंध ने एक बार फिर रेलवे संचालन पर असर डाला है।
रेलवे प्रशासन ने जींद से चलने वाली छह ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द करने का फैसला किया है।
इसमें दिल्ली-जींद पैसेंजर ट्रेन (54031-34) भी शामिल है, जो 1 दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक बंद रहेगी।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह कदम यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
कौन-कौन सी ट्रेनें रहेंगी रद्द
1️⃣ 54031 दिल्ली–जींद पैसेंजर ट्रेन
- प्रस्थान: दोपहर 12:00 बजे (पुरानी दिल्ली)
- आगमन: शाम 4:15 बजे (जींद जंक्शन)
2️⃣ 54034 जींद–दिल्ली पैसेंजर ट्रेन
- प्रस्थान: दोपहर 3:30 बजे (जींद)
- आगमन: रात 7:45 बजे (दिल्ली)
➡️ दोनों ट्रेनें तीन महीने तक बंद रहेंगी, जिससे
दैनिक यात्रियों, व्यापारियों और कर्मचारियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी।
3️⃣ 15909–15910 अवध-आसाम एक्सप्रेस ट्रेन
- यह ट्रेन भी तीन महीनों में चुनिंदा तारीखों पर रद्द रहेगी।
- ट्रेन नंबर 15909 (डिब्रूगढ़–लालगढ़) और 15910 (लालगढ़–डिब्रूगढ़)
निर्धारित तिथियों पर संचालन नहीं करेंगी।
रद्द होने की तारीखें
| ट्रेन संख्या | दिसंबर | जनवरी | फरवरी | मार्च |
|---|---|---|---|---|
| 15909 | 6, 13, 20, 27 | 3, 10, 17, 24, 31 | 7, 14, 21, 28 | – |
| 15910 | 9, 16, 23, 30 | 6, 13, 20, 27 | 3, 10, 17, 24 | 1 |
क्यों लिया गया यह फैसला
रेलवे स्टेशन अधीक्षक जे.एस. कुंडू के अनुसार,
“जैसे ही धुंध की स्थिति सामान्य होगी, ट्रेन संचालन दोबारा शुरू कर दिया जाएगा।”
उन्होंने बताया कि धुंध के दौरान
ट्रेनें धीमी रफ्तार से चलने के कारण शेड्यूल बिगड़ जाता है,
जिससे यात्रियों की सुरक्षा और समय दोनों प्रभावित होते हैं।
इसी वजह से रेलवे ने कुछ ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द करने का निर्णय लिया है।
“सुरक्षा सर्वोपरि है। जैसे ही दृश्यता सामान्य होगी, ट्रेनों का संचालन पुनः शुरू किया जाएगा।”
— जे.एस. कुंडू, स्टेशन अधीक्षक, जींद जंक्शन
यात्रियों को होगी परेशानी
जींद से दिल्ली और रोहतक जाने वाले सैकड़ों यात्री
दिल्ली-जींद पैसेंजर ट्रेन पर निर्भर रहते हैं।
इसके बंद रहने से
व्यापारियों और रोजाना ऑफिस आने-जाने वालों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
यात्रियों को अब बसों या निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ेगा।
साथ ही, बसों में भीड़ बढ़ने की संभावना है, जिससे किरायों में बढ़ोतरी हो सकती है।

धुंध से रेलवे संचालन पर असर
हर साल दिसंबर से फरवरी के बीच उत्तर भारत में घने कोहरे की वजह से
रेल सेवाएँ प्रभावित होती हैं।
दृश्यता 50 मीटर से भी कम होने पर
सिग्नलिंग सिस्टम और पायलटिंग प्रक्रिया बाधित होती है।
इस कारण ट्रेनें या तो विलंबित होती हैं या रद्द करनी पड़ती हैं।
रेलवे की तकनीकी टीम ने बताया कि
“नई डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम और फॉग-सुरक्षा उपकरण लगाए जा रहे हैं,”
ताकि भविष्य में संचालन सुरक्षित हो सके।
स्थानीय यात्रियों की प्रतिक्रिया
“हम रोज़ाना दिल्ली के लिए इसी ट्रेन से जाते हैं। अब बस का खर्च दोगुना पड़ेगा।”
— अमित शर्मा, व्यापारी, जींद
“रेलवे को वैकल्पिक ट्रेन या स्पेशल सर्विस शुरू करनी चाहिए,
ताकि आम लोगों की परेशानी कम हो।”
— रीना देवी, स्कूल शिक्षिका
