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NHAI का बड़ा फैसला: अब फास्टैग न होने या बैलेंस खत्म होने पर नहीं देना होगा दोगुना टोल

नई दिल्ली | नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने देशभर के यात्रियों को बड़ी राहत दी है।
अब फास्टैग (FASTag) के ब्लॉक, खराब होने या उसमें बैलेंस खत्म होने की स्थिति में वाहन चालकों से दोगुना टोल शुल्क नहीं लिया जाएगा

इस नई व्यवस्था के तहत, केवल 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना होगा —
बशर्ते भुगतान डिजिटल माध्यम (UPI) से किया जाए।


क्या था पहले नियम?

अब तक फास्टैग न होने या बैलेंस समाप्त होने पर वाहन चालकों को दोगुना टोल देना पड़ता था।
उदाहरण के लिए — अगर किसी टोल प्लाजा पर कार के लिए ₹100 शुल्क निर्धारित है,
तो फास्टैग फेल होने पर ₹200 वसूले जाते थे।

लेकिन अब नए नियम के तहत, सिर्फ ₹125 ही देने होंगे —
और यह भुगतान ऑनलाइन माध्यम (UPI) से करना होगा, नकद में नहीं।


NHAI की अधिसूचना के प्रमुख बिंदु

  1. नई व्यवस्था जयपुर-दिल्ली राजमार्ग सहित पूरे देश के टोल प्लाजा पर लागू होगी।
  2. यदि FASTag ब्लॉक है, खराब है, या उसमें पर्याप्त बैलेंस नहीं है —
    तो चालक डिजिटल माध्यम (UPI, Paytm, Google Pay आदि) से भुगतान कर सकता है।
  3. ऐसे में केवल 25% अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा।
  4. नकद भुगतान की अनुमति नहीं होगी ताकि डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा मिले।
  5. उद्देश्य है — टोल पर लगने वाली लंबी कतारों को खत्म करना और यात्रा को सुगम बनाना।

सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का बयान

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस निर्णय को “जन-सुविधा और डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदम” बताया।

उन्होंने कहा — “हमारा लक्ष्य है कि यात्रियों को हाईवे पर बिना रुके यात्रा का अनुभव मिले।
यह बदलाव सड़क सुरक्षा, डिजिटल पेमेंट और पारदर्शिता को बढ़ावा देगा।”

गडकरी ने यह भी बताया कि सरकार अगले चरण में
पूरी तरह कैशलेस हाईवे सिस्टम की दिशा में काम कर रही है।


फास्टैग प्रणाली कैसे बदलेगी?

NHAI अब “FASTag 2.0” प्रणाली पर काम कर रहा है —
जिसके तहत वाहनों की पहचान ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडिंग (ANPR) से की जाएगी।
यह नई टेक्नोलॉजी फास्टैग की जगह क्यूआर कोड और डिजिटल सिग्नल ट्रैकिंग का उपयोग करेगी।

इससे बिना रुके टोल भुगतान होगा और ट्रैफिक जाम की समस्या खत्म होगी।


इस फैसले के फायदे

  • यात्रियों को राहत: अब फास्टैग फेल होने पर भारी जुर्माना नहीं।
  • टोल प्लाजा पर भीड़ घटेगी: डिजिटल पेमेंट से लेन की गति बढ़ेगी।
  • पारदर्शिता: नकद भुगतान बंद होने से भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।
  • पर्यावरण लाभ: कम रुकावट से वाहनों का ईंधन बचाव और प्रदूषण में कमी

कब से लागू होगा नया नियम?

NHAI के अधिकारियों के अनुसार, यह नई नीति 15 नवंबर 2025 से देशभर के
सभी राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा पर लागू होगी।

यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फास्टैग जानकारी, मोबाइल नंबर और बैंक लिंकिंग अपडेट रखें ताकि भुगतान में समस्या न आए।


सड़क यात्रा का नया अनुभव

इस नई व्यवस्था से यात्रियों को अब लंबी कतारों, बार-बार फास्टैग फेल होने या
गलती से डबल चार्ज जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलेगा।

डिजिटल पेमेंट सिस्टम से “वन नेशन, वन टोल सिस्टम” की दिशा में भारत एक कदम और आगे बढ़ गया है।

“सड़कें अब सिर्फ यात्रा का साधन नहीं, तकनीक और सुविधा का प्रतीक बन रही हैं।”

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