डोनाल्ड ट्रंप सरकार ने भारतीय ड्राइवरों पर कसे शिकंजे – जानिए क्या हैं नए फैसले
अमेरिका में भारतीय ड्राइवरों पर ट्रंप प्रशासन की सख्ती
अमेरिका में ट्रक ड्राइवरों को लेकर डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने कई अहम फैसले लिए हैं, जिनका असर सीधे तौर पर भारतीय मूल के ड्राइवरों पर पड़ रहा है। ट्रकिंग इंडस्ट्री में विदेशी ड्राइवरों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार ने सुरक्षा, भाषा और वर्क वीज़ा से जुड़ी नीतियों में बदलाव किए हैं।

वर्क वीज़ा पर रोक: भारतीय ड्राइवरों को झटका
21 अगस्त 2025 को ट्रंप प्रशासन ने घोषणा की कि कमर्शियल ट्रक ड्राइवरों के लिए नए वर्क वीज़ा जारी नहीं किए जाएंगे।
यह फैसला उस वक्त लिया गया जब फ्लोरिडा में एक सड़क हादसे में भारतीय मूल के ट्रक ड्राइवर पर लापरवाही का आरोप लगा था। सरकार का कहना है कि यह कदम “अमेरिकी ड्राइवरों की सुरक्षा और नौकरियों की रक्षा” के लिए उठाया गया है।
इस नीति से हजारों विदेशी ड्राइवर प्रभावित हुए हैं जो अमेरिका में काम करने के लिए वीज़ा प्रक्रिया में थे।
अंग्रेजी भाषा टेस्ट हुआ जरूरी
ट्रंप प्रशासन ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए सभी विदेशी ट्रक ड्राइवरों के लिए अंग्रेजी भाषा प्रवीणता (English Language Proficiency Test) को अनिवार्य कर दिया।
अमेरिकी ट्रांसपोर्ट विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, 7,248 ट्रक ड्राइवरों को अंग्रेजी टेस्ट में फेल होने के कारण ‘आउट ऑफ सर्विस’ घोषित किया गया, जिनमें बड़ी संख्या भारतीय मूल के ड्राइवरों की थी।
सरकार का तर्क है कि सड़क सुरक्षा और कानून पालन के लिए ड्राइवरों को इंग्लिश भाषा का पर्याप्त ज्ञान होना जरूरी है।
अन्य वीज़ा नीतियों पर भी सख्ती
ट्रक ड्राइवरों के अलावा ट्रंप प्रशासन ने H-1B और अन्य रोजगार आधारित वीज़ा कैटेगरी पर भी नियंत्रण बढ़ाया है। इसका असर भारतीय प्रोफेशनल्स और प्रवासी श्रमिकों दोनों पर पड़ा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम ट्रंप की “America First” नीति के तहत लिया गया, जिसमें अमेरिकी नागरिकों के रोजगार को प्राथमिकता दी जा रही है।
भारतीय ड्राइवरों पर असर
- इन नए फैसलों के बाद अमेरिका में काम कर रहे या वीज़ा की प्रक्रिया में शामिल भारतीय ड्राइवरों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
- वर्क वीज़ा रुकने से नए ड्राइवरों की भर्ती में अड़चन
- भाषा टेस्ट में सख्ती से कई लोगों की नौकरी पर संकट
- रोजगार वीज़ा नीतियों में बदलाव से प्रवासी परिवारों की चिंता बढ़ी
निष्कर्ष
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के इन फैसलों ने साफ कर दिया है कि अमेरिका में अब विदेशी मूल के ड्राइवरों और श्रमिकों के लिए नियम पहले से कहीं ज्यादा सख्त हो चुके हैं।
जहां एक तरफ सरकार इसे सुरक्षा और रोजगार संरक्षण से जोड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रवासी समुदाय इसे भेदभावपूर्ण नीति मान रहा है।

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