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हरियाणा में 21वीं सदी का बड़ा न्याय सुधार: तीन नए आपराधिक कानून लागू


हरियाणा और पूरे भारत में न्यायिक प्रणाली में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में तीन नए आपराधिक कानूनों को लागू कर 21वीं सदी का सबसे बड़ा सुधार बताया।

ये तीन कानून हैं:

  1. भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) – IPC की जगह।
  2. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) – CrPC की जगह।
  3. भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 (BSA) – पुराने Evidence Act की जगह।

ये कानून 1 जुलाई 2024 से प्रभावी हैं और न्यायिक प्रणाली को तेज़, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए बनाए गए हैं।


प्रमुख विशेषताएँ

1. तीन वर्षों में न्याय का आश्वासन

अब प्रत्येक FIR दर्ज होने के बाद, संबंधित मामले को तीन वर्षों के भीतर निपटाया जाएगा। अदालतें और पुलिस समय सीमा का पालन करेंगी, जिससे लंबित मामलों में भारी कमी आएगी।

2. न्यायिक प्रक्रिया में डिजिटलकरण और पारदर्शिता

  • सभी महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रियाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य।
  • गंभीर अपराधों में फोरेंसिक विश्लेषण अनिवार्य।
  • पुलिस, अदालत और फोरेंसिक विभागों के बीच डिजिटल एकीकरण

3. संवेदनशील अपराधों के लिए विशेष प्रावधान

  • महिला और बाल अपराध, साइबर अपराध, भीड़ हिंसा और आतंकवाद के मामलों में त्वरित कार्रवाई।

4. गैंग और संगठित अपराधों के लिए कठोर प्रावधान

  • गैंग और माफिया से जुड़े अपराधों पर कड़ी सजा और संपत्ति जप्ती

5. गुमशुदा आरोपियों के लिए ‘Trial in Absencia’

  • आरोपी गैर-मौजूद होने पर भी मुकदमा चलाया जा सकेगा

हरियाणा में प्रभाव

  • हत्या के मामलों में दोषसिद्धि दर 40% से बढ़कर 80%।
  • लंबित मामलों में भारी कमी।
  • अपराधियों और संगठित अपराधों पर बेहतर नियंत्रण।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बयान

“इन नए कानूनों के लागू होने से न्याय अब हर नागरिक तक जल्दी पहुंचेगा। यह भारत की न्यायिक प्रणाली का एक आधुनिक और नागरिक-केंद्रित युग है।”


आलोचनाएँ और सावधानियाँ

  • कुछ विपक्षी दलों और मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि ये कानून अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रभाव डाल सकते हैं।
  • Amnesty International ने इन कानूनों को सत्ता के दुरुपयोग का खतरा बताते हुए चुनौती दी है।

निष्कर्ष

तीन नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय प्रणाली को तेजी, पारदर्शिता और प्रभावशीलता प्रदान करेंगे। हरियाणा जैसे राज्यों में इनका असर पहले ही देखने को मिला है।

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