भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में सुधार की उम्मीद: V. Anantha Nageswaran के बयान से खुली नई राहें
भारत के Chief Economic Adviser (CEA) V. Anantha Nageswaran ने हाल ही में एक अहम बयान दिया है जिसने भारत-अमेरिका व्यापार जगत में नई उम्मीद जगा दी है। उन्होंने कहा कि United States जल्द ही भारत की कुछ वस्तुओं पर लगाए गए 25% के भारी “penal tariffs” (दंडात्मक आयात शुल्क) को हटा सकता है।
यह बयान ऐसे समय पर आया है जब भारत और अमेरिका के बीच कई दौर की बातचीत चल रही है, जिसमें कृषि उत्पाद, स्टील-एल्यूमिनियम, और तकनीकी वस्तुओं पर लगने वाले आयात शुल्क को कम करने की संभावना पर चर्चा हो रही है।
क्या कहा गया है?
- नागेश्वरन ने कहा कि अमेरिका द्वारा भारत की कुछ वस्तुओं पर लगाए गए 25% penal tariffs जल्द हटाए जा सकते हैं।
- इसके अलावा, “reciprocal tariffs” (वह आयात शुल्क जो अमेरिका ने भारत से आने वाली वस्तुओं पर लगाए हैं) को भी घटाया जा सकता है — यानी 25% से घटाकर 10-15% तक लाने पर विचार चल रहा है।
- उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले 2-3 महीनों में इस पर ठोस निर्णय आ सकता है।
यह कदम भारत के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है क्योंकि उच्च शुल्क के कारण भारतीय निर्यातक अमेरिकी बाज़ार में प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रहे थे।
संभावित आर्थिक प्रभाव
- भारतीय निर्यातकों को राहत: शुल्क घटने से भारतीय स्टील, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग गुड्स और कृषि उत्पाद अमेरिकी बाज़ार में सस्ते और प्रतिस्पर्धी हो सकेंगे।
- द्विपक्षीय व्यापार में तेजी: भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार $200 अरब डॉलर से ऊपर है। टैरिफ कम होने से यह आँकड़ा और तेज़ी से बढ़ सकता है।
- रोज़गार और विनिर्माण को बढ़ावा: निर्यात बढ़ने से भारत में विनिर्माण सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा और रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे।
क्या यह तय है? — अभी नहीं
- नागेश्वरन ने खुद भी कहा कि यह फिलहाल अनौपचारिक और प्रस्तावित स्थिति है।
- इस पर अभी तकनीकी, कानूनी और राजनीतिक स्तर पर विस्तृत जाँच और विचार-विमर्श बाकी है।
- Office of the United States Trade Representative (USTR) और Ministry of Commerce and Industry (India) के बीच बातचीत जारी है।
यानी यह कहना अभी जल्दबाज़ी होगी कि शुल्क ज़रूर हटेंगे — लेकिन यह संकेत बेहद सकारात्मक हैं।

निष्कर्ष
V. Anantha Nageswaran के बयान ने भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में नई ऊर्जा भर दी है। अगर अमेरिका 25% penal tariffs हटाता है और reciprocal tariffs को घटाता है तो यह भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ा अवसर होगा। हालांकि, जब तक आधिकारिक नोटिफिकेशन नहीं आ जाता, तब तक इसे “संभावना” ही माना जाना चाहिए।
