प्रधानमंत्री मोदी के जींद दौरे से पहले जिला प्रशासन की अग्निपरीक्षा, जलभराव और ट्रैफिक सबसे बड़ी चुनौती
जींद | Haryana Breaking News
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई को प्रस्तावित जींद दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और बारिश की स्थिति में जलभराव रोकना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। इसे देखते हुए सभी संबंधित विभागों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।

HARYANA BREAKING NEWS
डीसी ने किया रूट का निरीक्षण
जींद की उपायुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री के संभावित रूट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रधानमंत्री के काफिले के किसी भी रूट पर जलभराव की स्थिति नहीं होनी चाहिए। संवेदनशील स्थानों पर पहले से ही आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला पुलिस लाइन से लोक निर्माण विश्राम गृह होते हुए रेलवे जंक्शन तक जाएगा। इसके अलावा प्रशासन ने एक वैकल्पिक रूट भी तैयार किया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में यात्रा बिना बाधा जारी रह सके।
इन स्थानों पर रहेगा विशेष फोकस
बारिश के मौसम को देखते हुए प्रशासन ने कई ऐसे स्थानों की पहचान की है जहां अक्सर जलभराव की समस्या रहती है। इनमें प्रमुख रूप से:
पुलिस लाइन क्षेत्र
रानी तालाब
बराह चौक
छोटे राम किसान कॉलेज के सामने
रेलवे रोड
इन सभी स्थानों पर जल निकासी और ट्रैफिक व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
हाइड्रोजन ट्रेन का करेंगे शुभारंभ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने जींद दौरे के दौरान देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं। इसके साथ ही रेलवे से जुड़े महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ और जनसभा को संबोधित करने का भी कार्यक्रम प्रस्तावित है।
प्रशासन की तैयारियों पर रहेगी नजर
17 जुलाई का दौरा जिला प्रशासन के लिए एक बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। यदि मौसम खराब रहता है, तो प्रशासन की तैयारियों और प्रबंधन क्षमता की असली परीक्षा होगी। फिलहाल सभी विभाग युद्धस्तर पर तैयारियों में जुटे हुए हैं।
