HARYANA

जींद रानी तालाब सौंदर्यीकरण: लाखों के दावों के बीच जमीनी हकीकत पर उठे सवाल

जींद के ऐतिहासिक रानी तालाब के सौंदर्यीकरण को लेकर सरकार, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। तालाब की सफाई और विकास कार्यों पर लाखों रुपये खर्च किए जाने की बात कही गई, लेकिन मौके पर दिखाई देने वाली स्थिति इन दावों से अलग नजर आ रही है।

सौंदर्यीकरण अभियान के तहत प्रशासन ने रानी तालाब का पानी भी खाली करवा दिया था ताकि सफाई और विकास कार्य तेजी से पूरे किए जा सकें। इसके बावजूद तालाब में पत्तियां, झाड़ियां और गंदगी अब भी कई स्थानों पर पहले की तरह मौजूद दिखाई दे रही हैं, जिससे कार्यों की प्रगति पर सवाल उठ रहे हैं।

कुछ समय पहले जींद की उपायुक्त डॉ. वैशाली शर्मा और हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने भी रानी तालाब का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे और सौंदर्यीकरण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी जारी किए गए थे। उस समय यह संदेश दिया गया था कि सरकार और प्रशासन इस परियोजना को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं।

हालांकि, निरीक्षण और दावों के बाद भी जमीनी स्तर पर अपेक्षित बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के निर्देशों के बावजूद कार्यों की स्थिति संतोषजनक नहीं है, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी है?

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन सवालों का जवाब किस तरह देता है और रानी तालाब के सौंदर्यीकरण का कार्य कब तक पूरी तरह धरातल पर दिखाई देता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *