HARYANA

हरियाणा में सफाईकर्मियों और अग्निशमन कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, सरकार ने मानी 12 से ज्यादा मांगें

हरियाणा में पिछले कई दिनों से चल रही सफाई कर्मचारियों और अग्निशमन विभाग कर्मचारियों की हड़ताल अब खत्म होने की ओर बढ़ गई है। प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों की करीब एक दर्जन से अधिक मांगों को मान लिया है, जिसके बाद कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल वापस लेने के संकेत दिए हैं।

बुधवार को हरियाणा निवास में शहरी निकाय मंत्री Vipul Goel, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर और प्रधान सचिव अरुण गुप्ता के साथ करीब छह घंटे तक चली बैठक में कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी। बैठक में नगर पालिका कर्मचारी संघ और हरियाणा अग्निशमन कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों ने कर्मचारियों की समस्याएं सरकार के सामने रखीं।

सफाई कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन बढ़ा

सरकार ने ठेके पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 15,220 रुपये तय करने पर सहमति जताई है। अभी तक कई कर्मचारियों को केवल 7 से 8 हजार रुपये तक वेतन मिल रहा था। इसके अलावा कर्मचारियों को अब ईएसआई और ईपीएफ जैसी सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों का वेतन सीधे बैंक खाते में भेजा जाएगा। सफाई कार्य में लगे कर्मचारियों को तेल और साबुन जैसी जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

ठेकेदारों पर होगी कार्रवाई

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित ठेकेदार का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। वहीं फरीदाबाद के 111 कर्मचारियों सहित करीब 150 अन्य कर्मचारियों को पक्का करने पर भी सहमति बनी है।

मृत्यु सहायता राशि बढ़ी, आश्रितों को नौकरी

सरकार ने कर्मचारियों की मृत्यु पर मिलने वाली सहायता राशि को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का फैसला लिया है। साथ ही आश्रितों को नौकरी देने में 25 वर्ष की आयु सीमा की शर्त भी हटाई जाएगी।

युक्तिकरण प्रक्रिया के तहत चार से साढ़े चार हजार नए पद बनाए जाएंगे, जिससे लगभग 900 कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

अग्निशमन विभाग कर्मचारियों को भी बड़ी राहत

फरीदाबाद हादसे में जान गंवाने वाले अग्निशमन विभाग कर्मचारियों के परिवारों को 50-50 लाख रुपये की सहायता राशि और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का निर्णय लिया गया है।

इसके अलावा पे-रोल पर कार्यरत 1250 कर्मचारियों को नियमित करने पर सहमति बनी है। भर्ती में आयु सीमा और सीटेट की शर्तों में भी छूट दी जाएगी। सरकार ने वर्दी और जोखिम भत्ते के रूप में पांच-पांच हजार रुपये देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

13 हजार कर्मचारियों को मिलेगा फायदा

ऑनलाइन ट्रांसफर नीति में छूट देने और भर्ती के लिए निकाले गए पद वापस लेकर पालिकाओं में पहले से कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करने की योजना पर भी सहमति बनी है। इससे करीब 13 हजार कर्मचारियों को लाभ मिलने की संभावना है।

हाई कोर्ट पहुंचा सफाई व्यवस्था का मामला

इधर, हड़ताल के कारण प्रदेश में बिगड़ी सफाई व्यवस्था का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट पहुंच गया है। कांग्रेस विधायक Gokul Setia द्वारा दायर जनहित याचिका में शहरी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था बहाल करने, जमा कूड़ा हटाने और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई वीरवार को होगी। याचिका में राज्य सरकार, नगर निगमों, नगर पालिकाओं और स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदार ठहराते हुए तुरंत सफाई सेवाएं बहाल करने के निर्देश देने की मांग की गई है।

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