जींद में डॉ. राजेश भोला बने HCMSA के जिलाध्यक्ष, सर्वसम्मति से हुआ चयन
बैठक में सर्वसम्मति से लगी मुहर
जींद के नागरिक अस्पताल में कार्यरत डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. राजेश भोला को हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन (HCMSA) की जिला इकाई का सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया है। जिला प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित बैठक के दौरान सभी सदस्यों ने एकमत होकर उनके नाम को मंजूरी दी।
बैठक की अध्यक्षता प्रदेश महासचिव डॉ. विजेंद्र ढांडा ने की। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई टीम अपने दायित्वों को पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाएगी।
डॉ. भोला ने जताया आभार, कहा— डॉक्टरों के हितों के लिए करेंगे काम

नवनियुक्त जिलाध्यक्ष डॉ. राजेश भोला ने एसोसिएशन का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है, उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य रहेगा:
- डॉक्टरों के हितों की रक्षा
- लंबित समस्याओं का समाधान
- सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाना
उन्होंने कहा कि संगठन के माध्यम से चिकित्सकों की आवाज को मजबूत किया जाएगा।
नई कार्यकारिणी का भी हुआ गठन
बैठक के दौरान एसोसिएशन की नई जिला कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। इसमें विभिन्न पदों पर निम्नलिखित नियुक्तियां की गईं:
- उपाध्यक्ष: डॉ. मनदीप सरोहा
- महासचिव: डॉ. विशाल सांगवान
- संयुक्त सचिव: डॉ. मुनिश
- कोषाध्यक्ष: डॉ. सुधीर
नई टीम से उम्मीद जताई जा रही है कि यह संगठन को और मजबूती देगी।
पूर्व अध्यक्ष डॉ. विजेंद्र ढांडा ने निभाई अहम भूमिका
गौरतलब है कि डॉ. विजेंद्र ढांडा पिछले करीब पांच वर्षों तक जिलाध्यक्ष के पद पर कार्यरत रहे हैं। हाल ही में उन्हें प्रदेश स्तर पर स्टेट जनरल सेक्रेटरी की जिम्मेदारी मिलने के बाद यह पद खाली हुआ था।
उनके नेतृत्व में एसोसिएशन ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया, जिसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब नई टीम के कंधों पर है।
सीएमओ समेत कई अधिकारियों ने दी बधाई
इस अवसर पर सीएमओ डॉ. सुमन कोहली सहित जिले के कई वरिष्ठ चिकित्सकों और अधिकारियों ने डॉ. भोला को बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल की कामना की।
बैठक में मौजूद सदस्यों ने विश्वास जताया कि डॉ. भोला के नेतृत्व में संगठन और मजबूत होगा तथा चिकित्सकों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाया जाएगा।
जिले में सक्रिय और अनुभवी चिकित्सक हैं डॉ. भोला
डॉ. राजेश भोला लंबे समय से जिले में सक्रिय चिकित्सक के रूप में कार्य कर रहे हैं। वे विभिन्न मंचों पर डॉक्टरों के अधिकारों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं।
उनकी नियुक्ति को जिले के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र में एक नई ऊर्जा और सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
