मनमानी गिरफ्तारियों पर सख्त हाई कोर्ट — हरियाणा के CM, DGP समेत शीर्ष अधिकारियों को अवमानना नोटिस
चंडीगढ़: मनमानी गिरफ्तारियों के मामलों में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के कथित उल्लंघन को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने इस मामले में हरियाणा और पंजाब सरकार के शीर्ष प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है।
जस्टिस सुदीप्ति शर्मा की एकल पीठ ने दोनों राज्यों के मुख्य सचिव (CS) और पुलिस महानिदेशक (DGP) को अवमानना नोटिस जारी कर पूछा है कि उनके खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्यों की ओर से दाखिल अनुपालन हलफनामे आदेशों के पालन की बजाय उनकी अवहेलना स्वीकार करने जैसे प्रतीत होते हैं।
अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर देना पर्याप्त नहीं है और इससे अवमानना की कार्रवाई स्वतः समाप्त नहीं हो जाती। कोर्ट ने इस स्थिति को “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” बताया।
यह मामला सुप्रीम कोर्ट के उस महत्वपूर्ण फैसले के अनुपालन से जुड़ा है, जिसमें पुलिस को अनावश्यक गिरफ्तारी से बचने के निर्देश दिए गए थे। शीर्ष अदालत ने कहा था कि पुलिस बिना पर्याप्त कारण गिरफ्तारी न करे और मजिस्ट्रेट भी यांत्रिक तरीके से न्यायिक हिरासत की अनुमति न दें।

सुप्रीम कोर्ट ने विशेष रूप से भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए (वैवाहिक क्रूरता) तथा सात साल तक की सजा वाले अपराधों में स्वतः गिरफ्तारी से बचने के निर्देश जारी किए थे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कानून का दुरुपयोग न हो और नागरिकों के मौलिक अधिकार सुरक्षित रहें।
हाई कोर्ट ने अब संबंधित अधिकारियों से जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई में अदालत यह तय करेगी कि आदेशों की अवहेलना के लिए आगे क्या कार्रवाई की जाए।
