20 साल की नौकरी… पहचान फर्जी! फरीदाबाद में बड़ा शिक्षा घोटाला
हरियाणा के फरीदाबाद जिले में फर्जी दस्तावेज और नाम बदलकर सरकारी नौकरी हासिल करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सराय ख्वाजा थाना पुलिस ने राजकीय मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सराय ख्वाजा के प्रिंसिपल कैलाश चंद की शिकायत पर एक सेवानिवृत्त शिक्षक के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है।
आरोपी की पहचान ललित भारद्वाज के रूप में हुई है, जिसने कथित तौर पर अपनी वास्तविक पहचान लालाराम पुत्र शिव कुमार से छिपाकर फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए लगभग दो दशक तक शिक्षा विभाग में नौकरी की। रिकॉर्ड की जांच में पाया गया कि उसकी 10वीं, 12वीं और बीए की सभी डिग्रियां ‘लालाराम’ नाम से हैं।

मामला तब उजागर हुआ जब 2020 और 2021 में CM विंडो पर शिकायतें पहुंचीं। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने 1987 से 1999 तक सेना में लिपिक के पद पर कार्य किया था, लेकिन इसी अवधि में—नियमों के खिलाफ—उसने 1994 में शिलांग (मेघालय) से नियमित बीएड डिग्री हासिल कर ली। डिग्री में पिता का नाम तक दर्ज नहीं है, जिससे इसके जाली होने का संदेह और गहरा हो गया।
खंड शिक्षा अधिकारी बल्लभगढ़ और निदेशालय स्तर पर लंबी जांच के बाद पुष्टि हुई कि आरोपी ने शैक्षणिक योग्यता और पहचान में छेड़छाड़ की है। पुलिस ने उसके खिलाफ IPC की धारा 420 के तहत केस दर्ज कर लिया है। अब जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि आरोपी ने इतने सालों में विभाग से कितना वेतन और अन्य लाभ गलत तरीके से लिए।
