हरियाणा में 11 नए जिलों की सिफारिश, अंतिम फैसला अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के हाथ मेंरिपोर्ट सौंपते ही प्रशासनिक नक्शे में बड़े बदलाव की चर्चा तेज
हरियाणा में नए जिलों और प्रशासनिक इकाइयों के गठन को लेकर बनी कैबिनेट सब-कमेटी ने अपनी फाइनल रिपोर्ट जमा कर दी है। रिपोर्ट में असंध, नारायणगढ़, सफीदों, मानेसर, पटौदी, पिहोवा, पेहवा, हांसी, बरवाला, गोहाना, बल्लभगढ़ और डबवाली को नया जिला बनाने की ऐतिहासिक सिफारिश की गई है। कमेटी द्वारा रिपोर्ट सौंपते ही अब पूरा निर्णय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर निर्भर करेगा।
22 जिलों वाले छोटे प्रदेश में 11 नए जिलों का प्रस्ताव
हरियाणा भौगोलिक रूप से छोटा प्रदेश है और यहां पहले से 22 जिले मौजूद हैं। ऐसे में सभी 11 प्रस्ताव स्वीकार करना सरकार के लिए मुश्किल माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, सरकार फिलहाल 2–3 नए जिलों को ही मंजूरी दे सकती है।
खास बात यह है कि हांसी और डबवाली पहले से पुलिस जिला हैं, इसलिए इनकी राजस्व जिला बनने की संभावना सबसे ज्यादा है।
31 दिसंबर 2025 की डेडलाइन का दबाव
भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त ने साफ कर दिया है कि
31 दिसंबर 2025 तक प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव जरूरी है।
अगर सरकार इस समय सीमा में फैसला नहीं ले पाती, तो अगला मौका जून 2027 के बाद मिलेगा। यही वजह है कि सरकार पर समयबद्ध निर्णय लेने का दबाव भी बढ़ गया है।
62 प्रस्तावों की गहन छानबीन
कमेटी ने नए जिलों, उपमंडलों और तहसीलों के लिए आए कुल 62 प्रस्तावों का केस-टू-केस विश्लेषण किया।
जिले बनाने के लिए जिन प्रमुख मानकों को आधार बनाया गया, वे हैं:
- 125–200 गांव
- आबादी 4 लाख से अधिक
- 80 हजार हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्रफल
- मौजूदा जिला मुख्यालय से 25–40 किमी दूरी
उपमंडल और तहसील के लिए गांवों की संख्या, जनसंख्या और दूरी जैसे मापदंड तय किए गए। कई लोकप्रिय मांगें मानक पूरे न कर पाने के कारण रिपोर्ट में पीछे छूट गईं।
हांसी और गोहाना की पुरानी उम्मीदें फिर जागीं
पहले धनखड़ कमेटी ने हांसी, गोहाना और चरखी दादरी को जिला बनाने की सिफारिश की थी, लेकिन तब केवल चरखी दादरी जिला बना।
हांसी और गोहाना आज भी इंतजार में हैं और इस बार उनकी उम्मीदें और बढ़ गई हैं।
कमेटी बैठक में शामिल रहे ये बड़े नाम

राजस्व मंत्री विपुल गोयल के आवास पर हुई निर्णायक बैठक में शामिल रहे –
- चेयरमैन कृष्ण लाल पंवार
- कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा
- विधायक विनोद भ्याना
- मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी
- एसीएस डॉ. सुमिता मिश्रा
- सीएम के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार
बैठक के बाद तैयार रिपोर्ट तुरंत मुख्यमंत्री को भेज दी गई, और अब अगला कदम उन्हीं के फैसले पर निर्भर करेगा।
