हरियाणा के गांव में मिला ‘श्रीराम’ नाम वाला तैरता पत्थर, जांच में जुटा प्रशासन
हरियाणा के एक गांव में खुदाई के दौरान मिला ‘श्रीराम’ नाम खुदा पत्थर पानी में डूबा नहीं बल्कि तैरने लगा। घटना से मचा हड़कंप, प्रशासन और विशेषज्ञों की टीम करेगी जांच।

हरियाणा के गांव में मिला ‘श्रीराम’ लिखा तैरता पत्थर, ग्रामीणों में उत्सुकता, प्रशासन करेगा जांच
हरियाणा के एक गांव में अद्भुत और रहस्यमयी घटना सामने आई है। खुदाई के दौरान ग्रामीणों को एक ऐसा पत्थर मिला जो पानी में डूबने के बजाय तैरने लगा। इस पत्थर पर ‘श्रीराम’ नाम खुदा हुआ था।
जैसे ही यह बात फैली, गांव के लोगों में उत्साह और श्रद्धा की लहर दौड़ गई। लोगों ने इसे धार्मिक चमत्कार मानते हुए पूजा-पाठ शुरू कर दिया, जबकि कुछ लोगों ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जांच की मांग की।
घटना का पूरा विवरण
यह घटना हरियाणा के एक छोटे से गांव की है, जहां कुछ ग्रामीण खुदाई का काम कर रहे थे। खुदाई के दौरान उन्हें लाल कपड़े में लिपटा एक पत्थर मिला।
जब कपड़ा हटाया गया तो उस पर ‘श्रीराम’ नाम खुदा हुआ दिखाई दिया।
जिज्ञासावश ग्रामीणों ने जब उसे पानी में डाला तो पत्थर डूबा नहीं, बल्कि तैरने लगा।
एक ग्रामीण ने बताया, “हम सब हैरान रह गए जब पत्थर पानी में ऊपर ही रहा। हमने कई बार कोशिश की लेकिन वह डूबा नहीं।”
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें
थोड़ी ही देर में इस घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
लोगों ने इसे रामसेतु के पत्थरों से जोड़ा, जो पौराणिक कथाओं में भगवान राम की लंका यात्रा के समय तैरने वाले पत्थर बताए जाते हैं।
सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह के अनुमान और धार्मिक भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे वैज्ञानिक रूप से परखने की जरूरत बता रहे हैं।
प्रशासन और विशेषज्ञों की जांच
सूत्रों के अनुसार, प्रशासन को घटना की जानकारी दे दी गई है।
अब एक विशेषज्ञों की टीम इस पत्थर की जांच करेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि —
- यह पत्थर किस प्रकार की सामग्री से बना है,
- क्या इसमें कोई विशेष गैस या हल्के तत्व हैं,
- या फिर इसका धार्मिक/पौराणिक संबंध है।
प्रशासन का कहना है, “हम अफवाहों पर रोक लगाने की कोशिश कर रहे हैं। पत्थर की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।”
वैज्ञानिक और धार्मिक दोनों पहलू
यह पहली बार नहीं है जब भारत में तैरता हुआ पत्थर पाया गया हो।
पहले भी कई स्थानों पर ऐसे पत्थर मिल चुके हैं जो ज्वालामुखीय झागदार चट्टानों (pumice stones) के कारण पानी पर तैरते हैं।
हालांकि, इस मामले में “श्रीराम” नाम खुदा होने के कारण धार्मिक महत्व और उत्सुकता और बढ़ गई है।
एक स्थानीय अध्यापक ने कहा, “हम विज्ञान और श्रद्धा, दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना चाहते हैं। पहले जांच हो, फिर निष्कर्ष।”
प्रशासन की अपील
फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि—
- अफवाहों पर विश्वास न करें।
- जांच पूरी होने तक पत्थर को सार्वजनिक स्थल पर न रखें।
- भीड़ न लगाएँ और सुरक्षा व्यवस्था का पालन करें।
अधिकारियों ने कहा है कि “सच्चाई की पुष्टि होने के बाद ही कोई आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा।”
ग्रामीणों में आस्था और रोमांच
गांव के लोगों का कहना है कि यह पत्थर भगवान श्रीराम का प्रतीक है। कई लोग रोज उस स्थान पर दीपक और फूल चढ़ा रहे हैं।
कुछ लोगों ने कहा कि जब से यह पत्थर मिला है, गांव में शांति और सकारात्मकता का माहौल है।
निष्कर्ष
हरियाणा के इस गांव में मिला ‘श्रीराम’ लिखा तैरता पत्थर अब चर्चा का विषय बन गया है।
यह धार्मिक आस्था और विज्ञान की जाँच के बीच की कहानी है।
अब सबकी निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि यह प्राकृतिक घटना है या धार्मिक रहस्य।
