सिरहिंद में DFC ट्रैक पर धमाका, मालगाड़ी इंजन क्षतिग्रस्त
घटना कैसे हुई? — रात 9:50 बजे जोरदार धमाका
पंजाब के सिरहिंद में शुक्रवार रात करीब 9:50 बजे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) पर बड़ा धमाका हुआ।
धमाका इतना शक्तिशाली था कि रेलवे ट्रैक का 3–4 फीट हिस्सा उड़ गया, और उसी समय गुजर रही मालगाड़ी के इंजन को नुकसान पहुंचा।
यह घटना खानपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास हुई, जहाँ अचानक तेज विस्फोट ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। धमाके के बाद स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।

मालगाड़ी के इंजन को नुकसान, अधिकारी घायल
धमाके के वक्त ट्रैक पर मालगाड़ी गुजर रही थी। तेज झटके के कारण इंजन में क्षति हुई, जबकि सेफ्टी ऑफिसर अनिल शर्मा को हल्की चोटें आईं।
उन्हें अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
तुरंत पुलिस और रेलवे की संयुक्त कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही रोपड़ रेंज के DIG नानक सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा—
“हमारी टीमें जांच में जुटी हैं, गिरफ्तारी जल्द होगी। NIA को सूचना दे दी गई है।”
पंजाब पुलिस, GRP और रेलवे अधिकारियों ने:
- पूरा क्षेत्र सील किया
- विस्फोट स्थल की वैज्ञानिक जांच शुरू की
- आसपास के CCTV फुटेज एकत्र किए
- सैंपल लेकर फॉरेंसिक परीक्षण भेजा
क्या था विस्फोटक? — प्रारंभिक जांच में संकेत
प्रथम दृष्टया जांच में किसी विस्फोटक सामग्री के उपयोग की पुष्टि हुई है।
हालाँकि अधिकारी RDX या हाई-ग्रेड बम जैसे नामों पर आधिकारिक रूप से पुष्टि करने से बच रहे हैं।
जांच टीमें इसे साबोटाज यानी तोड़फोड़ की साजिश मानकर आगे बढ़ रही हैं क्योंकि:
- धमाका ट्रैक के जॉइंट क्षेत्र में किया गया
- समय ऐसा चुना गया जब मालगाड़ी गुजर रही थी
- धमाका “निर्धारित लक्ष्य” जैसा प्रतीत हुआ
26 जनवरी से पहले सुरक्षा एजेंसियों में चिंता
धमाका ऐसे समय हुआ है जब पंजाब में 26 जनवरी को लेकर सुरक्षा बढ़ाई गई है।
सीमावर्ती राज्य होने के कारण BSF, पंजाब पुलिस और खुफिया एजेंसियाँ पहले ही हाई-अलर्ट पर हैं।
ऐसे में रेलवे ट्रैक पर इस तरह की घटना को सुरक्षा एजेंसियाँ गंभीर चेतावनी की तरह देख रही हैं।
FIR दर्ज, NIA को सूचना — कई एजेंसियाँ जांच में शामिल
घटना के बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और जांच कई स्तरों पर चल रही है:
- NIA (जांच की सूचना भेजी जा चुकी है)
- IB (इंटेलिजेंस ब्यूरो)
- GRP/RPF
- लोकल पुलिस
आसपास के गांवों में शक के आधार पर पूछताछ भी शुरू हो चुकी है।
ट्रैक की रातभर मरम्मत, सुबह तक बहाल
रेलवे की इंजीनियरिंग टीम ने:
- ट्रैक री-अलाइनमेंट
- स्लीपर उपचार
- बैलास्ट रिप्लेसमेंट
- पायलट इंजन ट्रायल रन
जैसे जरूरी काम रातभर किए।
सुबह तक ट्रैक पूर्णतः बहाल कर दिया गया और फ्रेट मूवमेंट सामान्य कर दिया गया।
