भारत का अमेरिका को जवाब: 30% टैरिफ से बढ़ा ट्रेड तनाव
भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों में एक बार फिर तनाव देखने को मिल रहा है। भारत सरकार द्वारा कुछ अमेरिकी उत्पादों पर 30 प्रतिशत आयात शुल्क (टैरिफ) लगाए जाने के बाद अमेरिका में नाराजगी बढ़ गई है। इस फैसले को भारत का अमेरिका को मुंहतोड़ जवाब माना जा रहा है।
किन उत्पादों पर लगाया गया 30% टैरिफ?

सरकारी जानकारी के अनुसार, यह टैरिफ सभी अमेरिकी वस्तुओं पर नहीं, बल्कि कुछ चुनिंदा कृषि उत्पादों, खासतौर पर अमेरिका से आयात होने वाली दालों पर लागू किया गया है।
भारत ने यह कदम क्यों उठाया?
विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत सरकार का उद्देश्य:
- घरेलू किसानों को नुकसान से बचाना
- सस्ते आयात से बाजार में गिरती कीमतों को नियंत्रित करना
- राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना
सरकार का मानना है कि बिना नियंत्रण के आयात से भारतीय किसानों की आय पर सीधा असर पड़ रहा था।
30% टैरिफ से अमेरिका क्यों नाराज?
टैरिफ बढ़ने के बाद अमेरिकी कृषि निर्यातकों को बड़ा झटका लगा है। अमेरिका के कई सांसदों और व्यापार संगठनों ने भारत के इस फैसले को अनुचित बताते हुए विरोध जताया है। उनका कहना है कि इससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंध प्रभावित हो सकते हैं।
क्या यह भारत-अमेरिका ट्रेड वॉर की शुरुआत है?
फिलहाल इसे पूर्ण ट्रेड वॉर नहीं माना जा रहा, लेकिन यह साफ है कि भारत अब व्यापार मामलों में सख्त रुख अपना रहा है। जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत हो सकती है।
आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
- कुछ आयातित दालों की कीमतों में बदलाव संभव
- घरेलू किसानों को बाजार में राहत
- आयात-निर्यात व्यापार पर सीमित प्रभाव
30% टैरिफ लगाकर भारत ने यह साफ कर दिया है कि वह अपने किसानों और घरेलू उद्योगों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगा। अमेरिका की नाराजगी के बावजूद भारत का यह कदम उसकी मजबूत व्यापार नीति को दर्शाता है।
