पानीपत में हेड कांस्टेबल पर फायरिंग और स्कॉर्पियो की चोरी
पानीपत में हाल ही में एक सिनेमैटिक अपराध वारदात ने पुलिस और आम जनता दोनों को झकझोर दिया।
रिवाड़ी जिले के असंध CIA में तैनात हेड कांस्टेबल पर बाइक सवार बदमाशों ने पीछा करते हुए फायरिंग की और उनकी स्कॉर्पियो गाड़ी छीन ली।
इस वारदात ने पूरे इलाके में तनाव फैला दिया। पुलिस ने तुरंत सघन छापेमारी शुरू की और अपराधियों के पीछे लग गई।
पुलिस की कार्रवाई और एनकाउंटर
पुलिस ने पानीपत और करनाल के बीच यमुना नहर के पास मुख्य आरोपी सवन (सोनपत निवासी) को एनकाउंटर के दौरान गिरफ्तार कर लिया।
एनकाउंटर में आरोपी के पैर में गोली लगी थी, लेकिन पुलिस ने उसे कानूनी कार्रवाई के लिए हिरासत में लिया।
सवन पर पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि उसके साथी अभी भी फरार हैं।
साथ ही, पुलिस ने स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद कर ली है, जो अब साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित है।
अलग मामले में रंगदारी और फायरिंग
सीआईए-3 की टीम ने एक दूसरे गंभीर मामले में भी सफलता हासिल की।
रंगदारी मांगने और ई-रिक्शा चालक के घर फायरिंग करने के आरोप में आकाश और पिंकू नामक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
अभियान के दौरान पुलिस ने इनके कब्जे से 5 देसी पिस्तौल, 6 गोलियाँ और 1 खोखा बरामद किया।
आरोपियों का अपराध स्वीकार और कानूनी प्रक्रिया
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने अपने अपराधों को कबूल किया और बताया कि 50 हजार रुपये रंगदारी वसूलने के दबाव में फायरिंग की गई थी।
ध्यान देने वाली बात यह है कि दोनों आरोपियों पर पहले से आठ-आठ आपराधिक केस दर्ज हैं।
पुलिस ने सख्त रिमांड लेकर अन्य वारदातों की जांच शुरू कर दी है।
इस पूरे मामले ने पानीपत पुलिस की निष्क्रियता और संदिग्धों की आपराधिक पृष्ठभूमि पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
