निजी अस्पतालों की लूट होगी बंद अब 11 बड़ी सर्जरी नहीं कर पाएंगे निजी अस्पताल
हरियाणा सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य की 11 प्रमुख सर्जिकल प्रक्रियाएँ केवल सरकारी अस्पतालों में की जाएंगी। यह नियम विशेष रूप से उन मरीजों के लिए लागू होगा जो Ayushman Bharat (AB-PMJAY) और Chirayu Health Scheme जैसी राज्य-केंद्रित योजनाओं के अंतर्गत इलाज करवाते हैं।
यह फैसला उस समय आया है जब निजी अस्पतालों और सरकार के बीच ₹600 करोड़ से अधिक के भुगतान विवाद की स्थिति चल रही थी। इस वजह से कई निजी अस्पतालों ने योजना-आधारित सर्जरी सेवाएं रोक दी थीं, जिससे गरीब मरीजों को गंभीर दिक्कतें झेलनी पड़ीं।

किन सर्जरी पर लागू होगा नया नियम
सरकार के नए आदेश में 11 प्रमुख सर्जरी शामिल हैं, जिनमें कुछ नाम हैं:
- कूल्हा (Hip) प्रत्यारोपण
- घुटना (Knee) प्रत्यारोपण
- हर्निया रिपेयर
- अपेंडिसेक्टॉमी (Appendix हटाना)
- टॉन्सिलेक्टॉमी (Tonsil ऑपरेशन)
- अन्य जटिल सर्जिकल प्रक्रियाएँ
सरकारी अस्पतालों का कहना है कि गुड़गाँव, फरीदाबाद, रोहतक जैसे जिलों के सिविल अस्पताल पहले से ही इन प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक अंजाम दे रहे हैं और वहाँ संसाधन पर्याप्त हैं।
क्यों लिया गया यह निर्णय
निजी अस्पतालों ने पिछले महीनों में योजनाओं के तहत इलाज बंद कर दिया था क्योंकि उन्हें भुगतान समय पर नहीं मिला। इसका सबसे अधिक असर उन गरीब मरीजों पर पड़ा जो पूरी तरह सरकारी योजनाओं पर निर्भर हैं।
सरकार के अनुसार —
“जरूरी सर्जरी को किसी विवाद का शिकार नहीं बनने देंगे। सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मज़बूत करना हमारी प्राथमिकता है।”
इसलिए यह फैसला लिया गया कि जरूरी और जीवन-रक्षक सर्जरी को अब सिर्फ सरकारी संस्थानों में ही किया जाएगा, ताकि किसी भी आर्थिक या प्रशासनिक विवाद से मरीज प्रभावित न हों।
चुनौतियाँ और तैयारी
हालांकि सरकारी अस्पतालों का दावा है कि वे पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन निजी चिकित्सकों ने सवाल उठाए हैं कि क्या सभी जिला स्तर के अस्पतालों में इतनी एडवांस सुविधाएँ और विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद हैं?
मुख्य चुनौतियाँ:
- ऑपरेशन थिएटर और ICU की क्षमता बढ़ाना
- सर्जरी लिस्ट और वेटिंग टाइम कम करना
- उपकरणों और मेडिकल स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता
- मरीजों को दी जाने वाली पोस्ट-ऑपरेटिव केयर में सुधार
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से शुरुआती दिनों में सरकारी अस्पतालों पर रिसोर्स लोड बढ़ेगा, जिससे प्रतीक्षा अवधि और सेवा गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है।
मरीजों के लिए जरूरी जानकारी
यदि आप या आपका परिवार Ayushman Bharat (AB-PMJAY) या Chirayu Health Scheme के तहत इलाज करवा रहे हैं, तो यह जानना जरूरी है कि आपके नजदीकी सरकारी अस्पताल में ये सर्जरी उपलब्ध हैं या नहीं।
ध्यान रखें:
- अस्पताल में सर्जरी की सुविधा व विशेषज्ञ टीम की पुष्टि करें
- वेटिंग लिस्ट और ऑपरेशन शेड्यूल की जानकारी पहले से लें
- सर्जरी कवरेज अपडेट के लिए अपना योजना कार्ड (PMJAY/Chirayu) अपडेट रखें
- इमरजेंसी सुविधा और पोस्ट-ऑपरेटिव केयर सिस्टम की जांच करें
आगे का रास्ता
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यह निर्णय दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुधार की दिशा में बड़ा कदम है। इससे सरकारी अस्पतालों की विश्वसनीयता बढ़ेगी और चिकित्सा सेवाएँ आम लोगों के लिए और सुलभ होंगी।
हालांकि, यह भी देखना होगा कि आने वाले महीनों में यह नई नीति जमीनी स्तर पर कितनी सफल रहती है — क्या सरकारी अस्पताल इस बढ़ते भार को संभाल पाएंगे, या फिर मरीजों को लंबी प्रतीक्षा का सामना करना पड़ेगा?
अब देखना यह होगा कि सरकार इस नीति के क्रियान्वयन को कैसे गति देती है और मरीजों के अनुभव किस दिशा में जाते हैं
